तबरेज राणा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी भी कर रही थी, इसी कड़ी में बुधवार को रायबरेली पुलिस ने लखनऊ से मुनव्वर राणा (Munawwar Rana) के बेटे की गिरफ्तारी की है.
तबरेज राणा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी भी कर रही थी, इसी कड़ी में बुधवार को रायबरेली पुलिस ने लखनऊ से मुनव्वर राणा (Munawwar Rana) के बेटे की गिरफ्तारी की है.
उत्तर प्रदेश सरकार उज्ज्वला 2.0 योजना के तहत गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले (BPL) परिवारों को लगभग 20 लाख मुफ्त गैस कनेक्शन देगी।
दीपावली तक राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को जुलाई 2021 के महंगाई भत्ते व महंगाई राहत का लाभ भी राज्य सरकार दे सकती है। जुलाई 2021 के महंगाई भत्ते का लाभ मिलने पर कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में और तीन फीसदी की वृद्धि हो जाएगी। इस वृद्धि का लाभ भी कर्मचारियों को जुलाई 2021 से ही मिलेगा।
देवभूमि उत्तराखंड में कुदरत लगातार कहर बरपा रहा है, जिससे चारों तरफ हाहाकार की स्थिति मची हुई है। आपको बता दें कि एक बार फिर बादल फटने से उत्तराखंड में भारी तबाही मची हुई है। जिस कारण देहरादून से लेकर देवप्रयाग तक जगह-जगह मलबा और कीचड़ नजर आ रहा है।
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियां लगातार बैठक कर रहे है, जिससे वे अपने चुनावी रणनीति को अमल में ला सकें। और उसका रोडमैप तैयार करें। वहीं अब खबर आ रही है उत्तर प्रदेश के सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए रोडमैप तैयार कर लिया है। जिससे विपक्षी पार्टियों के होश उड़ सकते है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करने मामले में AMU में हंगामा मचा हुआ है। और कैम्पस के अंदर एएमयू कुलपति तारिक़ मंसूर की निंदा हो रही है। इसे लेकर कैंपस में कुछ जगहों पर पर्चे भी चिपकाए गए हैं। पर्चे किसने चिपकाये हैं अभी इसके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है। वहीं जल्द ही इस तरह की गतिविधि करने वाले लोगों को
राम मंदिर मामले में फैसला सुनाकर सुर्खियों में आए रिटायर्ड जज अशोक भूषण के प्रयागराज स्थित पैतृक मकान पर अज्ञात हमलावरों द्वारा बमबाजी का मामला सामने आया है। यह मामला सोमवार शाम की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि सोमवार शाम लगभग साढ़े पांच बजे उनके घर के बाहर अज्ञात हमलावरों द्वारा एक के बाद एक दो बम फोड़े गए।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से एक दिल दहला देने वाले हादसे की खबर सामन आई है। जहां एक ट्रक ड्राइवर ने दो बहनों को टक्कर मार मौत के घाट उतार दिया। एक्सीडेंट इतना खतरनाक था कि दोनों ने मौके पर दी दम तोड़ दिया
स्कूटी से भगवान शिव की दर्शन करने जा रही दो सगी बहनों और एक भाई को ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में दोनों बहनों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि भाई को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आपको बता दें कि ये मामला उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले का है।
योगी राज में उत्तर प्रदेश नित प्रतिदिन नये आयाम को छू रहा है, इतिहास रच रहा है। चाहे वह अयोध्या मंदिर को लेकर हो या राज्य में कोरोना महामारी को कंट्रोल करने को लेकर।
तिहाड़ जेल में बंद एक कैदी के करोड़पति बनने के बाद एक्शन में आई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चेन्नई में छापेमारी कर करोड़ों का बंगला और 16 महंगी कारें जब्त की है। आपको बता दें कि इस कैदी पर जेल में बंद होने के बावजूद 200 करोड़ रुपये के उगाही के मामले सामने आया है। जिसे अंजाम दिया है तिहाड़ जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर ने।
पिता को हैंडपंप पर छटपटाते देख उन्हें बचाने दौड़ी बेटी की भी उनके पास पहुंचते ही वैसी ही हालत हो गई. दोनों नीचे गिरकर बुरी तरह छटपटाने लगे. कोई कुछ कर पाता इसके पहले ही दोनों शांत हो गए.
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह का सोमवार दोपहर को बुलंदशहर जिले के नरौरा घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके सांसद पुत्र राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया ने उन्हें मुखाग्रि दी। उनके अंतिम संस्कार में सीएम योगी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई बड़े नेता शामिल हुए।
किसान आंदोलन को लेकर बहुत दिनों से बंद सड़कों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ा निर्देश दिया है। और कहा कि केंद्र सरकार को तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनकारी किसानों के प्रदर्शन के चलते आवाजाही के लिए बंद की गई सड़कों की समस्या का समाधान ढूंढना चाहिए। आपको बता दें कि कोर्ट ने यह निर्देश नोएडा के एक निवासी की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।
अक्सर अपने विज्ञापनों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले विज्ञापन बाबू यानी की केजरीवाल बाबू एक बार फिर अपने विज्ञापनों को लेकर सुर्खियों में है। वो भी शहीद परिजनों के राहत राशि वाले दावों को लेकर। दरअसल केजरीवाल सरकार ने जिन शहीद के परिजनों को 1-1 करोड़ रूपए देने का ऐलान किया था और जिसका वो दावा कर रही थी, वो उन्हें मिला ही नहीं।