उज्जैन, 17 अक्टूबर 2026। सिंहस्थ-2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक स्नान की व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए उज्जैन में शिप्रा नदी के घाटों का निर्माण कार्य तेज किया जा रहा है। इसी क्रम में संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने शनिवार को निर्माणाधीन घाटों का निरीक्षण किया। संभागायुक्त ने अधिकारियों को बारिश समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाने और मई 2027 तक काम पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गऊघाट पाले के समीप और नवग्रह शनि मंदिर के पीछे ग्राम गोठड़ा क्षेत्र में बन रहे घाटों की प्रगति का जायजा लिया। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित स्थलों पर रिटेनिंग वॉल और लैंडिंग का निर्माण कार्य जारी है। संभागायुक्त आशीष सिंह ने निर्देश दिए कि मौसम अनुकूल होने के बाद निर्माण कार्य पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने निर्माण में गुणवत्तापूर्ण सामग्री का इस्तेमाल सुनिश्चित करने और निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त और कलेक्टर ने निर्माण स्थलों पर मौजूद श्रमिकों की संख्या की जानकारी ली। साथ ही अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों से प्रतिदिन काम शुरू होने के समय तथा दिनभर में होने वाली प्रगति के बारे में भी पूछा। अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और काम की गति के साथ गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि परियोजना निर्धारित समय पर पूरी हो सके।

सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए शिप्रा नदी के लगभग 29 किलोमीटर क्षेत्र में जल संसाधन विभाग द्वारा नए घाटों का निर्माण कराया जा रहा है। इन घाटों के तैयार होने से सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं को स्नान के लिए अधिक सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार सिंहस्थ से जुड़े निर्माण और विकास कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासन लगातार समीक्षा कर रहा है।
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि बारिश के दौरान शिप्रा नदी में जलस्तर और पानी की स्थिति के कारण घाट निर्माण कार्य प्रभावित हुआ था। इसके चलते कुछ समय तक निर्माण की गति धीमी रही। अब बारिश समाप्त होने के बाद काम में तेजी लाई जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी संबंधित निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे हों, जिससे सिंहस्थ-2028 के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
सिंहस्थ-2028 में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए घाट निर्माण को महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। प्रशासन का जोर निर्माण की गुणवत्ता, नियमित निगरानी और समयबद्ध कार्य पूरा कराने पर है, ताकि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।