1. हिन्दी समाचार
  2. Ujjain
  3. सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज, कान्ह डायवर्सन का काम मई 2027 तक पूरा करने के निर्देश

सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज, कान्ह डायवर्सन का काम मई 2027 तक पूरा करने के निर्देश

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त आशीष सिंह ने कान्ह डायवर्सन का शेष कार्य 30 मई 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए। परियोजना का 71 प्रतिशत और मेडिकल कॉलेज का 68 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। मंदिरों, सड़कों और अन्य निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ बिजली शटडाउन से पहले उपभोक्ताओं को सूचना देना भी अनिवार्य किया गया है।

By: Nivedita 
Updated:
सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज, कान्ह डायवर्सन का काम मई 2027 तक पूरा करने के निर्देश

उज्जैन।  सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को गति देने के लिए संभागायुक्त आशीष सिंह ने उज्जैन विकास प्राधिकरण और जल संसाधन विभाग के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए।

कान्ह डायवर्सन का 71 प्रतिशत काम पूरा

बैठक में बताया गया कि कान्ह डायवर्सन परियोजना का 71 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। संभागायुक्त ने अतिरिक्त मशीनें लगाकर शेष काम 30 मई 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी डेम और घाट निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।

मेडिकल कॉलेज का निर्माण जून तक पूरा करने का लक्ष्य

जिला चिकित्सालय के सामने बन रहे मेडिकल कॉलेज का 68 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। संभागायुक्त ने अकादमिक भवन, अस्पताल और हॉस्टल सहित शेष निर्माण कार्य जून तक पूरा करने के निर्देश दिए।

 

 

मंदिरों और सड़कों के विकास पर जोर

सिंहस्थ की तैयारियों के तहत मंगलनाथ, कालभैरव और अंगारेश्वर-सिद्धवट मंदिरों के विकास के साथ विभिन्न सड़कों के चौड़ीकरण और निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इनमें अंकपात से खाक चौक मार्ग, शक्करवासा से छोटी रपट पंचक्रोशी मार्ग और शनि मंदिर से जीवनखेड़ी तक की सड़क शामिल हैं। कालिदास अकादमी में डोम शेड का निर्माण भी प्रस्तावित कार्यों में शामिल है।

बिजली शटडाउन से पहले उपभोक्ताओं को सूचना अनिवार्य

बैठक में निर्देश दिए गए कि सड़कों पर बिजली लाइन शिफ्टिंग और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों के लिए सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक शटडाउन लिया जा सकता है। हालांकि, शटडाउन से पहले संबंधित उपभोक्ताओं को सूचना देना अनिवार्य होगा। प्रशासन का लक्ष्य सिंहस्थ 2028 से पहले प्रमुख निर्माण परियोजनाओं को समय पर पूरा कर उज्जैन में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करना है।

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...