मध्यप्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। इस प्रशासनिक फेरबदल में 23 से अधिक अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। कई जिलों के कलेक्टरों को नई जगह पदस्थ किया गया है, जबकि मंत्रालय स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों को भी अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बदलाव के तहत मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के पद पर सुखबीर सिंह की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा जबलपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, भिंड, पन्ना, शाजापुर, बुरहानपुर, हरदा, बालाघाट और सिंगरौली सहित कई जिलों में प्रशासनिक नेतृत्व में बदलाव किया गया है।
राज्य सरकार के इस फेरबदल में मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ी नियुक्ति भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सुखबीर सिंह को मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बनाया गया है। वहीं, शासन के विभिन्न विभागों में प्रशासनिक कामकाज को गति देने के लिए कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
तबादला आदेश के अनुसार, पन्ना की कलेक्टर उषा परमार को भोपाल में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग का अपर सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी जगह बुरहानपुर के कलेक्टर हर्ष सिंह को पन्ना जिले की जिम्मेदारी दी गई है।नर्मदापुरम जिले में भी कलेक्टर बदला गया है। यहां पदस्थ सोमेश मिश्रा को भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग तथा एड्स नियंत्रण सोसायटी का संचालक बनाया गया है। उनके स्थान पर मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSEDC) के प्रबंध संचालक आशीष वशिष्ठ को नर्मदापुरम का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। इसी तरह, सहकारिता विभाग में उप सचिव के पद पर कार्यरत पवन कुमार जैन को भिंड का कलेक्टर बनाया गया है। भिंड के मौजूदा कलेक्टर किरोड़ी लाल मीना को वित्त विभाग में उप सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रायसेन जिले में अरुण कुमार विश्वकर्मा के स्थान पर रोहित सिसोनिया को कलेक्टर नियुक्त किया गया है। रोहित सिसोनिया इससे पहले किसान कल्याण विभाग में उप सचिव के पद पर कार्यरत थे। वहीं, सिंगरौली के कलेक्टर गौरव बैनल को सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें कर्मचारी चयन मंडल के संचालक का दायित्व भी सौंपा गया है। सिंगरौली जिले के नए कलेक्टर के रूप में अंकित अस्थाना की नियुक्ति की गई है।

शाजापुर जिले की कलेक्टर ऋजु बाफना को उज्जैन संभाग में अपर आयुक्त (राजस्व) नियुक्त किया गया है। उनकी जगह इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) डॉ. परीक्षित संजयराव झाड़े को शाजापुर का नया कलेक्टर बनाया गया है। बालाघाट जिले की कमान आदित्य सिंह को सौंपी गई है। इसके अलावा विवेक कुमार को बुरहानपुर का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
प्रशासनिक फेरबदल के तहत वरिष्ठ IAS अधिकारी रश्मि अरुण शमी को अपर मुख्य सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही उन्हें भोपाल गैस त्रासदी राहत और खाद्य सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण दायित्व भी सौंपे गए हैं। जॉन किंग्सली ए.आर. को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, संदीप केरकेट्टा को इंदौर विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है।
राज्य सरकार ने कुछ अधिकारियों के मौजूदा दायित्वों के साथ अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी जोड़ी हैं। शोभित जैन को आयुष विभाग के अलावा कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। संकेत भोंडवे को नगरीय प्रशासन विभाग के साथ मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली के आवासीय आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भरत यादव को सड़क विकास निगम के साथ जनसंपर्क विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार मिला है। इसी क्रम में अभय बेडेकर को पर्यटन विकास निगम के दायित्व के साथ आयुक्त, पुरातत्व एवं संग्रहालय की जिम्मेदारी भी दी गई है।
मध्यप्रदेश में हुए इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल के जरिए जिला स्तर और मंत्रालय में अधिकारियों की जिम्मेदारियों का पुनर्गठन किया गया है। कलेक्टरों के बदलाव से जिलों में प्रशासनिक नेतृत्व बदलेगा, जबकि विभागीय नियुक्तियों और अतिरिक्त प्रभारों से शासन के अलग-अलग क्षेत्रों में कामकाज का नया ढांचा तैयार होगा। हालांकि, इन नियुक्तियों के वास्तविक प्रभाव का आकलन संबंधित विभागों और जिलों में आगामी कार्यों की प्रगति के आधार पर किया जा सकेगा। फिलहाल, यह फेरबदल राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।