पन्ना। कांग्रेस सांसद एवं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के प्रोफेसर डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ छात्राओं द्वारा लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोपों को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने पन्ना में विरोध प्रदर्शन किया। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर नारेबाजी की और गांधी चौक पर पुतला दहन कर मामले में जवाबदेही तय करने तथा छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग उठाई। प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष शशि राजे परमार ने किया। इस दौरान महिला सुरक्षा, छात्राओं के सम्मान और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
प्रदर्शनकारी महिला कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी से मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। महिला मोर्चा ने कहा कि छात्राओं की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों पर उचित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होनी चाहिए और मामले में जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष शशि राजे परमार ने कहा कि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा तथा सम्मान से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और न्याय सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। परमार ने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल करते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाली पार्टी को अपने सांसद पर लगे आरोपों के संबंध में भी स्पष्ट रुख सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है कि वे पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अपना पक्ष रखें। उन्होंने संबंधित मामले में उचित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि छात्राओं के हितों की रक्षा होनी चाहिए और जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जानी चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा तथा शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने की मांग भी उठाई गई। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में ऐसा वातावरण होना चाहिए, जहां छात्राएं बिना किसी भय के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें और उन्हें नियमानुसार न्याय मिल सके। उपलब्ध कराए गए विवरण में उल्लेख है कि विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की जांच के बाद 9 अक्टूबर 2026 को प्रोफेसर अकोइजम की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया गया था। वहीं, डॉ. अकोइजम ने आरोपों को खारिज करते हुए संबंधित कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। मामले की पूरी स्थिति समझने के लिए संबंधित आदेशों, आधिकारिक दस्तावेजों और दोनों पक्षों के बयानों का समग्र मूल्यांकन महत्वपूर्ण है।
भाजपा महिला मोर्चा ने प्रदर्शन के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, छात्राओं की सुरक्षा और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई। संगठन ने कहा कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई आवश्यक है।