हर साल दिवाली में पटाखों के चलने के कारण और उतर भारत में पराली जलाने के कारण प्रदूषण की बहुत तेज़ी से बड़ोतरी होती है, और सबसे ज्यादा इसका असर ठंड में देखने को मिलता है, जिसके कारण आस-पास के इलाकों मे स्मॉग हो जाती है, जिससे स्थिती और गंभीर हो सकती है।
