मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले की ग्राम पंचायत घाघरला स्थित शासकीय विद्यालय में शिक्षकों की कमी का मामला सामने आया है। स्कूल में करीब 240 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए केवल चार शिक्षक पदस्थ हैं। शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।
विद्यालय में पहली से आठवीं तक की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। शिक्षकों की संख्या कम होने के कारण कई बार एक ही शिक्षक को एक से अधिक कक्षाओं की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। मौके पर पहुंची मीडिया टीम ने पाया कि एक समय में 240 बच्चों को केवल एक शिक्षिका संभाल रही थीं।
जानकारी के अनुसार, विद्यालय में पदस्थ दो शिक्षिकाएं बिना सूचना के अनुपस्थित मिलीं, जबकि एक शिक्षक अन्य विद्यालय में अध्यापन कार्य के लिए गए हुए थे। इस स्थिति के कारण स्कूल संचालन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल में शिक्षकों की कमी के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए हैं। विद्यालय के शौचालय की स्थिति खराब होने और पेयजल व्यवस्था में परेशानी की बात सामने आई है। बच्चों को पानी पीने के लिए कई बार घर से बोतल लानी पड़ती है।

स्कूल प्रभारी भुवानसिंह डावर ने बताया कि विद्यालय में चार शिक्षक पदस्थ हैं। उन्होंने कहा कि अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों के संबंध में पंचनामा तैयार कर वेतन कटौती की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
जन शिक्षक राजेश पाटिल ने भी अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की पुष्टि की है। वहीं सहायक आयुक्त भरत राजपुरे ने कहा कि लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में कलेक्टर के निर्देशानुसार व्यवस्था सुधारने के प्रयास किए जाएंगे।
घाघरला स्कूल की स्थिति ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे प्रयासों से स्कूल में शिक्षकों की कमी और अन्य समस्याओं का समाधान कब तक हो पाता है।