बिहार के कटिहार में चलती ट्रेन में विद्युतकर्मी की हत्या के मामले का पुलिस ने 34 दिन बाद खुलासा करने का दावा किया है। तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी, उसके कथित प्रेमी और एक कथित शूटर को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच अभी भी जारी है।
पुलिस के अनुसार, जम्मू में कार्यरत विद्युतकर्मी देवकुमार गुंजन 11 जून को जनसाधारण एक्सप्रेस से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान मानसी रेल थाना क्षेत्र के बदलाघाट के पास चलती ट्रेन में उन्हें नजदीक से गोली मार दी गई। गंभीर रूप से घायल देवकुमार की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। प्रारंभिक जांच में मामला अज्ञात अपराधियों के खिलाफ दर्ज किया गया था।
रेल पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) और एसटीएफ की संयुक्त जांच में मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दावा किया कि मृतक की पत्नी समिता कुमारी, जो सुपौल में मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) के पद पर तैनात हैं, का जहानाबाद निवासी अजीत कुमार के साथ कथित प्रेम संबंध था। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने देवकुमार को रास्ते से हटाने के लिए कथित तौर पर एक शूटर को सुपारी दी।

पुलिस ने इस मामले में समिता कुमारी, अजीत कुमार और कथित शूटर राजू कुमार उर्फ धीरज को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की साजिश और वारदात से जुड़ी जानकारी दी है। जांच के दौरान घटना से जुड़े मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले में यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में सुनवाई के बाद होगी।