मध्य प्रदेश के खंडवा जिले स्थित ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी घाट पर बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। स्नान के दौरान इंदौर निवासी 19 वर्षीय सिद्धार्थ अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। घाट पर मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात एसडीईआरएफ जवान महेश रावत ने तत्काल लाइफ बॉय लेकर नर्मदा नदी में छलांग लगा दी। इस दौरान नाव चालक शिवा वर्मा ने भी तुरंत सहयोग करते हुए रेस्क्यू अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों की त्वरित और समन्वित कार्रवाई से श्रद्धालु को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
रेस्क्यू के बाद घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने एसडीईआरएफ जवान एवं नाव चालक की तत्परता और साहस की सराहना की। लोगों का कहना था कि यदि बचाव कार्य में कुछ और देर होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।

जिला सेनानी होमगार्ड्स एवं एसडीईआरएफ, खंडवा आशीष कुमार कुशवाहा ने सफल रेस्क्यू पर जवानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आपदा एवं जल-राहत कार्यों में हर सेकंड महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि एसडीईआरएफ और होमगार्ड के जवानों को नियमित रूप से जल-राहत, लाइफ सेविंग तकनीकों और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रभावी कार्रवाई कर सकें।
जिला सेनानी ने श्रद्धालुओं से अपील की कि स्नान के दौरान निर्धारित सुरक्षा सीमाओं का पालन करें, गहरे पानी में जाने से बचें तथा घाटों पर तैनात एसडीईआरएफ, होमगार्ड और प्रशासन द्वारा दिए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा और सकुशल घर वापसी प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।