1. हिन्दी समाचार
  2. Burhanpur
  3. पांगरी बांध प्रभावित किसानों का ‘अंधेरा भगाओ आंदोलन’, मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन

पांगरी बांध प्रभावित किसानों का ‘अंधेरा भगाओ आंदोलन’, मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन

बुरहानपुर जिले में पांगरी बांध परियोजना से प्रभावित किसानों और आदिवासी परिवारों ने मुआवजे और बिजली समस्या को लेकर ‘अंधेरा भगाओ आंदोलन’ किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि 60 दिनों में समाधान नहीं होने पर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

By: Nivedita 
Updated:
पांगरी बांध प्रभावित किसानों का ‘अंधेरा भगाओ आंदोलन’, मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन

बुरहानपुर जिले में पांगरी बांध परियोजना से प्रभावित किसानों और आदिवासी परिवारों ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार रात अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। प्रभावित लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर ‘अंधेरा भगाओ आंदोलन’ किया और शासन-प्रशासन से जल्द मुआवजा देने की मांग उठाई।

चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर जारी है संघर्ष

पांगरी बांध परियोजना से प्रभावित पांगरी, बसाली, नागझिरी सहित आसपास के क्षेत्रों के कई परिवार लंबे समय से चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि बांध निर्माण से उनकी जमीन और आजीविका प्रभावित हुई है, लेकिन अब तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला है।

बिजली कटौती से परेशान आदिवासी परिवार

प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि मदन फाल्या क्षेत्र के करीब 30 घरों की बिजली बांध निर्माण के चलते ढाई महीने पहले काट दी गई थी। इसके बाद से कई आदिवासी परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। जंगल क्षेत्र होने के कारण सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीवों का खतरा भी बना रहता है, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

60 दिन में मुआवजा नहीं मिला तो बड़े आंदोलन की चेतावनी

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे डॉ. रवि कुमार पटेल ने आरोप लगाया कि प्रभावित किसानों और आदिवासी परिवारों की समस्याओं पर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि बांध निर्माण शुरू होने के बावजूद अभी तक किसी भी प्रभावित किसान के खाते में मुआवजे की राशि नहीं पहुंची है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 60 दिनों के भीतर मुआवजा नहीं दिया गया तो व्यापक स्तर पर जनआंदोलन किया जाएगा।

 

आजीविका और मूलभूत सुविधाओं पर असर

किसानों का कहना है कि बांध क्षेत्र में आने वाली जमीन और निर्माण कार्य के कारण खेती प्रभावित हो रही है। इससे परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बिजली की समस्या के कारण बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजमर्रा की जरूरतें भी प्रभावित हो रही हैं।

नारेबाजी के साथ किया शांतिपूर्ण प्रदर्शन

प्रतीकात्मक विरोध के दौरान किसानों ने मोमबत्तियां जलाकर अंधेरे के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन में ‘अंधेरा भगाओ’, ‘जय जवान-जय किसान’ और ‘भारत माता की जय’ जैसे नारों के साथ प्रभावित परिवारों ने अपनी मांगों को सामने रखा।

 

रिपोर्ट – राजू सिंह राठौड़ 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...