{ सतीश संगम की रिपोर्ट }
कल देर रात सीएम योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में 14 प्रस्तावों को मंजूरी मिली। कैबिनेट के बैठक में ”गोवध निवारण संशोधन अध्यादेश 2020” पारित किया गया है।
इसके तहत गोवंश की तस्करी पर 10 साल तक की जेल हो सकेगी। इस अधिनियम के तहत दोबारा दोषी पाए जाने पर दोगुनी सजा होगी।
बैठक में सीएम ने कहा कि इस अध्यादेश का उद्देश्य उत्तर प्रदेश गो-वध निवारण अधिनियम, 1955 को और अधिक संगठित व प्रभावी बनाना है।
नए अध्यादेश के तहत गोवंश के परिवहन या गोमांस के परिवहन के मामलों में प्रयोगशाला में गोमांस की पुष्टि होने पर संबंधित गाड़ी के चालक, आपरेटर और परिवहन से संबंधित स्वामी को आरोपी बनाया जाएगा
सरकार गोकशी या गोतस्करी के अभियुक्त की सार्वजनिक फोटो भी लगाएगी। अभियुक्त की तस्वीर जिसे मोहल्ले में वह सामान्यता निवास करता हो वहां किसी महत्वपूर्ण स्थान पर चस्पा की जाएगी।