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अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई, 48 घंटे में लिया काबुल धमाकों का बदला, एक साजिशकर्ता ढेर

काबुल एयरपोर्ट के बाहर हुए आत्मघाती हमलों के बाद अमेरिका ने उन साजिशकर्ताओं को करारा जवाब दिया है और 48 घंटे में ही जवाबी कार्रवाई करते हुए एक साजिशकर्ता को ढेर कर दिया। बताया जा रहा है कि अमेरिका ने अफगानिस्तान के नांगरहार प्रांत में आतंकियों के ठिकानों पर मानवरहित विमान से नांगरहार में ISIS-K के ठिकाने पर अमेरिकी सेना ने हवाई हमले किए हैं।

By: Amit ranjan 
Updated:
अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई, 48 घंटे में लिया काबुल धमाकों का बदला, एक साजिशकर्ता ढेर

नई दिल्ली : काबुल एयरपोर्ट के बाहर हुए आत्मघाती हमलों के बाद अमेरिका ने उन साजिशकर्ताओं को करारा जवाब दिया है और 48 घंटे में ही जवाबी कार्रवाई करते हुए एक साजिशकर्ता को ढेर कर दिया। बताया जा रहा है कि अमेरिका ने अफगानिस्तान के नांगरहार प्रांत में आतंकियों के ठिकानों पर मानवरहित विमान से नांगरहार में ISIS-K के ठिकाने पर अमेरिकी सेना ने हवाई हमले किए हैं। दावा है कि अमेरिकी सेना ने काबुल ब्लास्ट के साजिशकर्ता को भी ढेर कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस हमले में काबुल एयरपोर्ट पर धमाकों का मास्टरमाइंड मारा जा चुका है। वहीं,  अमेरिका ने अपने नागरिकों से कहा है कि वे काबुल एयरपोर्ट से तुरंत हट जाएं। अमेरिका को आशंका है कि काबुल एयरपोर्ट पर फिर से आतंकी हमला हो सकता है। पेंटागन की ओर से दावा किया गया है कि तय टारगेट को ध्वस्त कर दिया गया है।

धमाकों में 169 अफगान और 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी

बता दें कि 26 अगस्त को काबुल एयरपोर्ट के बाहर आतंकी संगठन आईएस के ने दो फिदायीन हमले किए थे। धमाकों में 170 लोगों को मौत हो गई। इन हमलों में 13 अमेरिकी सैनिक और 2 ब्रिटिश नागरिक भी मारे गए हैं, वहीं 1276 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। आतंकवादी संगठन ISIS-K ने इस आत्‍मघाती हमले की जिम्‍मेदारी ली थी। हालांकि 48 घंटे के अंदर अमेरिका ने बदला ले लिया है। वहीं, तालिबान ने अमेरिका की इस कार्रवाई से किनारा कस लिया है।

48 घंटे में लिया बदला

US Central Command के प्रवक्ता कैप्टन बिल अर्बन ने कहा कि अमेरिका ने अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट (IS) के खिलाफ योजना के तहत ड्रोन हमला किया है। ISIS-K के खिलाफ 48 खिलाफ भीतर कार्रवाई की गई है। इसमें किसी नागरिक के हताहत होने की जानकारी नहीं है। शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट कह दिया था कि काबुल एयरपोर्ट पर आतंकी हमला करने वालों नहीं छोड़ेंगे।

 

जिम्मेदार लोगों को माफ नहीं करेंगे

काबुल ब्लास्ट के बाद अमेरिका ने कहा था कि हम इस हमले के जिम्मेदार लोगों को माफ नहीं करेंगे। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि अमेरिका इसका बदला लेगा। इसकी कीमत चुकानी होगी। हालांकि, अभी भी अमेरिका के पास काबुल हवाई अड्डे पर हुए हमलों में तालिबान और इस्लामिक स्टेट के बीच मिलीभगत का कोई सबूत नहीं है।

31 अगस्‍त तक अफगानिस्‍तान से सेना हटाने का अल्टीमेटम

गौरतलब है कि तालिबान ने अमेरिका को 31 अगस्‍त तक अफगानिस्‍तान से अपनी सेना को हटाने के लिए कहा है। यही नहीं जिन अमेरिकी सैनिकों को अफगानी लोगों को निकालने के लिए भेजा गया था, उनको भी 31 अगस्‍त तक अमेरिका को निकालने के लिए प्‍लान बनाना होगा। तालिबान की ये धमकी तब आई थी, जब एक तरफ वो दुनिया के देशों को सुरक्षा देने की बात कर रहा है और सभी से अपनी एम्बेसी को चालू रखने को कह रहा है।

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