नई दिल्ली : आपकी सुबह जिन भजन सम्राट के गानें से होती थीं उन्होंने आज सदा के लिए दुनिया को अलविदा कर दिया। जिससे आप अब उन भजन सम्राट के गानें नहीं सुन पाएंगे। हम बात कर रहें है, भजन सम्राट नरेंद्र चंचल की, जो 80 साल की उम्र में हम सबको छोड़कर चले गये। आपको बता दें कि उनकी निधन पर क्रकेटर हरभजन सिंह ने शोक व्यक्त कर लिखा कि- ये जानकर बहुत दुख हुआ कि प्रतिष्ठित और सबसे ज्यादा प्यारे नरेंद्र चंचल हमें छोड़कर चले गए। उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना। उनके परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना। दलेर मेहंदी ने भी उनके निधन पर दुख जाहिर किया।
बता दें कि चंचल पिछले दो महीनों से लंबी बीमारी के कारण दिल्ली के अपोलो अस्पताल भर्ती थे। जिन्होंने आज दोपहर सवा 12 बजे के करीब अंतिम सांस ली। अगहर हम उनकी गानें की बात करें तो उनकी हिट लिस्ट गानों में ‘चलो बुलावा आया है’, ‘ओ जंगल के राजा मेरी मैया को लेके आजा’ जैसे गाने शामिल हैं।
Deeply saddened to learn that iconic and most loved #NarendraChanchal ji has left us for the heavenly abode. In prayers for his soul to rest in peace. Heartfelt condolences to his family 🙏🙏
— Harbhajan Turbanator (@harbhajan_singh) January 22, 2021
आपको बता दें कि नरेंद्र चंचल का जन्म 16 अक्टूबर 1940 को अमृतसर के नमक हांडी में हुआ था। उनका पालन पोषण बहुत ही धार्मिक वातावरण में हुआ था, इसलिए बचपन से ही उनका झुकाव धार्मिक गानें की ओर था। काफी संघर्ष के बाद उन्हें बॉलीवुड में काम मिला और उन्होंने बॉबी, बेनाम और रोटी कपड़ा और मकान जैसी कई फिल्मों में भी गाने गाये थे।
बता दें चंचल बॉबी फिल्म के गानें बेशक मंदिर मस्जिद तोड़ों गानें को लेकर बॉबि आवार्ड से सम्मानित किया था। इसके साथ ही उन्हें दिसंबर 1990 में, राज कपूर मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया गया। हालही में चंचल को अमेरिका ने जॉर्जिया राज्य की मानद उपाधि भी प्रदान की थी।
Deeply saddened to learn that iconic and most loved #NarendraChanchal ji has left us for the heavenly abode. In prayers for his soul to rest in peace. Heartfelt condolences to his family and legions of fans. 🙏 pic.twitter.com/zXEBN07MbM
— Daler Mehndi (@dalermehndi) January 22, 2021
बता दें कि निधन से पहले नरेंद्र चंचल ने अपनी बायोग्राफी Midnight Singer में अपने सफर के बारे में सब कुछ लिखा था। चंचल हर साल 29 दिसंबर को वैष्णों देवी जाते थे और साल के आखिरी दिन परफॉर्म भी करते थे।