{ अनंत देव की रिपोर्ट }
सरकार ने धार्मिक स्थलों को खोलने की इजाजत दे दी है लेकिन भदोही जिले में सीता समाहित स्थल पर माँ सीता के मंदिर के कपाट अभी नहीं खुलेंगे।
30 जून तक कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते मंदिर को अभी बंद रखने का प्रबंधन ने निर्णय लिया है। आपको बता दे की यह वही स्थान है जहाँ माँ सीता ने दूसरे वनवास के दिन बाल्मीकि आश्रम में काटे थे।
माँ जानकी के मंदिर में आम दिनों में देश ही नहीं बल्कि विदेशो से भी बड़ी संख्या श्रद्धालु आते है। भदोही जनपद समेत पूरे प्रदेश में इन दिनों कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है जिसकी वजह से मंदिर प्रबंधन ने यह निर्णय लिया गया है।
माँ सीता और हनुमान मंदिर के गेट को बंद रखा गया है। कुछ श्रद्धालु आज जरूर यह सुनकर पहुंचे थे की आज से मंदिर खुल रहे है लेकिन मंदिर बंद होने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा है।
सीता समाहित स्थल ( सीतामढ़ी ) मंदिर में आम दिनों रोजाना बड़ी संख्या में देश ही नहीं बल्कि विदेशियों की भीड़ होती है .
सीता जी के मंदिर के पास हनुमान जी की यहाँ 108 फिट की विशाल प्रतिमा है जिसे देखने भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते है।
कहा जाता है की हनुमान जी की जहाँ प्रतिमा है वहां लव कुश ने उन्हें बंदी बनाया था अब उसी स्थान पर विशाल प्रतिमा बनाई गई है।