नई दिल्ली : 8 नवंबर 2016 की वो रात, जिस दिन पीएम मोदी ने देश को संबोधित कर कहा था कि वे देश में नोटबंदी करने जा रहे है, जिससे वे सभी कालाधन वापस आ जाएंगे, जो देश को खोखला कर रहा है। हालांकि कालाधन कितना वापस आया इसका कोई निश्चित अनुमान नहीं लगाया जा सका। वहीं अब जब देश में नये नोटों का संचालन हो चुका है, तो एकबार फिर देश में नकली नोटों का कारोबार अपना पैर फैलाने लगा है। जिसे लेकर आपको सावधान रहने की जरूरत है।
गौरतलब है कि एक ऐसी ही खबर उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर की है, जहां पुलिस ने जाली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। हालांकि इस खबर की सूचना ने अधिकारियों की नींद उड़ा रखीं थीं, कि गौतम बुद्ध नगर में एक नकली नोट छापने का गिरोह सक्रिय है। इसके बाद पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। पुलिस के अनुसार रात को पेट्रोलिंग के दौरान फेज-3 थाना पुलिस को सूचना मिली कि बहलोलपुर गांव के पास बाजर में कुछ लोग जाली नोटों को भुनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने वहां रेड की और राजनीश नाम के युवक को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया।
रेड के दौरान पुलिस ने आरोपी शख्स के पास से कई जाली नोट बरामद किए। पूछताछ में रजनीश ने बताया कि वह अपने साथियों रामप्रताप और सुरजीत के साथ मिलकर जाली नोट खुद ही छापता है। इसके बाद उसकी निशानदेही पर छापेमारी की गई। बरामद सामानों को देखकर पुलिस के होश उड़ गए।
पुलिस ने उनके पास से जो जाली नोट बरामद किए उनकी कीमत 29 हजार 900 रुपए थी। इसके अलावा पुलिस ने कंप्यूटर, प्रिंटर और जाली नोटों के विशेष कागज के साथ डाई आदि भी मौके से बरामद की। आश्चर्य की बात है कि यह गिरोह काफी दिनों से इस काम में लगा हुआ था। आपको बता दें कि इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इससे पहले कितने नोट इन्होंने छाप कर बाजार में फैलाए हैं। इसके साथ ही इस गिरोह के तार कहां-कहां जुड़े हैं। साथ ही पुलिस यह भी खोज रही है कि क्या इनके पीछे कोई मास्टरमाइंड भी है या ये खुद ही ये काम कर रहे थे और इसके जाल कहां तक बिछे है।