रिपोर्ट: सत्यम दुबे
गाजियाबाद: पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक विडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक अल्पसंख्यक समुदाय का युवक एक मंदिर में पानी पीने के के लिए मंदिर परिसर में गया था। जिसके बाद वहां उपस्थित कुछ लोंगो ने युनक की पिटाई कर दी थी। सोशल मिडिया पर लोग वायरल इस विडियो पर अपनी-अपनी रा रखने लगे। लेकिन किसी ने इसकी हकीकत जानने की कोशिश नहीं की, हम आपको बताते हैं कि क्या है विडियो की हकीकत…
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल ये विडियो गाजियाबाद जिले के डासना इलाके स्थित एक देवी मंदिर का बताया गया। जहां आसिफ नाम के युवकी की पिटाई कर दी गई। इसके बाद से लिबरल और वामपंथी गिरोह हिंदुओं को उत्पीड़क और मुस्लिमों को पीड़ित के तौर पर पेश करने पर जुटे थे। लेकिन इसके पीछे की हकीकत जानने की कोशिश नहीं की।
पंचरछाप चोर आसिफ़ को क्यू पिटा वो सच्चाई सुने…लिब्रांडु आपको ये तो बताएँगे की आसिफ़ को मंदिर परिसर में दो थप्पड़ पड़े, पर थप्पड़ क्यू पड़े वो भी जान लेना…
हर सिक्के के दो पहलू होते है, दिखाने है तो दोनो दिखाओ..!!#Radical_Islamic_Terror
#IStandWithShringiYadav pic.twitter.com/ZMnlq2CPYF— Kajal Hindustani (@kajal_jaihind) March 16, 2021
इस विडियो पर मचे बवाल के बीच देवी मंदिर के पुजारी ने एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए बताया कि मुस्लिम बच्चे को गलत तरीके से पीड़ित के तौर पर दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आसिफ मंदिर में पानी पीने नहीं आया था। ये लोग मंदिर में आकर हिंदू लड़कियों से छेड़खानी करते हैं और मूल्यवान चीजें चोरी कर लेते हैं।
पुजारी ने आगे बताया कि “वह सिर्फ देखने में बच्चा लगता है, लेकिन उसके अंदर जो पलता है, उसके दिमाग में जो भरा जाता है, वह बच्चों का खेल नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर वो बच्चे यहाँ पर आते किसलिए हैं? न तो वो यहाँ पर पूजा करने आते हैं, न पाठ करने आते हैं। वे यहाँ पर सिर्फ लड़कियों को छेड़ने आते हैं। हमारे देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी और काम करने आते हैं।“
पानी पीने को लेकर पुजारी ने कहा कि “मंदिर के बाहर भी नल लगा हुआ है और अगर किसी को प्यास लगती है तो वो वहाँ पर पानी पिएगा या मंदिर के अंदर 500 मीटर जाएगा? मंदिर के गेट पर भी नल लगा हुआ है, लेकिन वह मंदिर के पीछे मिला। बच्चे यहाँ पर कबाड़ी बनकर आते हैं और हमारा कीमती सामान चुरा कर ले जाते हैं। उन्होंने कहा, वो लड़का चोरी करना आया था, इससे पहले भी वो चोरी करने आया था, उसके जैसे पचासों आते हैं यहाँ चोरी करने।“