रिपोर्ट- माया सिंह
दिल्ली : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कैबिनेट बैठक के बाद डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बड़ा ऐलान किया है, जिससे छात्रों का भविष्य उज्जवल ही नहीं बल्कि चमक उठेगा। गौरतलब है कि अब यूपी और बिहार की तरह देश की राजधानी दिल्ली का भी अब अपना शिक्षा बोर्ड होगा। जिसे दिल्ली कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। बता दें कि इससे पहले दिल्ली में केवल CBSE/ICSE बोर्ड थे। लेकिन अब 2021-22 में कुछ स्कलों में नए बोर्ड के अंतर्गत पढाई करायी जाएगी ।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि, ‘आज हमलोगों ने दिल्ली की कैबिनेट में दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के गठन को मंजूरी दी है। ये कोई मामूली शिक्षा बोर्ड नहीं है। ये शिक्षा बोर्ड बनाने के लिए इसलिए जरूरी पड़ी क्योंकि पिछले छह साल में हमने दिल्ली के बजट का करीब 25 प्रतिशत हर वर्ष शिक्षा पर खर्च करना शुरू किया। इससे सरकारी स्कूलों की शानदार बिल्डिंग, अच्छे कमरे और साफ-सफाई की व्यवस्था होने लगी।‘
दिल्ली मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, “हमने शिक्षा के जगत में कई बड़ा परिवर्तन किया। इससे पहले स्कूल में कुछ भी काम के लिए सरकार से इजाजत लेनी पड़ती थी। स्कूल में कई पोस्ट्स खाली पड़ी रहती थी। लेकिन हमने स्कूल के प्रिंसपल को यह पावर दी है। कई नए प्रयोग किए गए।”
'दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन' की स्थापना दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे क्रांतिकारी परिवर्तन को नई ऊंचाइयों की तरफ़ लेकर जाएगा | LIVE https://t.co/sTjII0xNdP
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) March 6, 2021
उन्होंने कहा कि, “आज दिल्ली के सरकारी स्कूलों के नतीजे 98 प्रतिशत आने लगे हैं। दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चों के नतीजे प्राइवेट स्कूलों से अच्छे आने लगे हैं। जो पैरेंट्स पहले सरकारी स्कूलों में बच्चों को नहीं भेजते थे वे अपने बच्चों का भविष्य अब दिल्ली के सरकारी स्कूलों में सुरक्षित मानते हैं। ऐसे में यह वक्त आ गया है कि अब यह तय किया जाए कि स्कूल में क्या पढ़ाया जा रहा है और क्यों पढ़ाया जा रहा है। इसलिए अब हमें ऐसे बच्चों को तैयार किए जाने की जरूरत है जो देशभक्त हो और हर क्षेत्र की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने को तैयार हो। ऐसे बच्चे हमारी शिक्षा को तैयार करेगी।”