मुंबई : क्रूज ड्रग्स केस मामले में बॉम्बे कोर्ट ने गुरूवार को आर्यन खान, अरबाज सेठ मर्चेंट और मुनमुन धमोचा की जमानत याचिका को मंजूर कर, इन तीनों को जमानत दे दिया है। जिससे ये तीनों बहुत जल्द जेल से बाहर नजर आएंगे। आपको बता दें कि ये तीनों पिछले दिनों से एनसीबी (NCB) की हिरासत और फिर जेल में बंद थे।
जेल में क्या खाकर जिंदा थे आर्यन?
इस मामले में अरबाज के पिता असलम मर्चेंट (Aslam Merchant) ने कहा कि हम इस पल का 34,560 मिनट से इंतजार कर रहे थे। मेरी पत्नी मिनट गिन रही थी दिन नहीं। इन बच्चों को गहरा आघात पहुंचा है। असलम मर्चेंट ने आगे कहा कि, ‘न्याय जितनी जल्दी से जल्दी हो सके, दिया जाना चाहिए। अगर केस में ऐसे लोगों को ठीक करना है तो यह पुनर्वास केंद्र में होना चाहिए, जेल में नहीं। मेरे बेटे का वजन 7 किलो घट गया है। जबकि आर्यन खान बिस्कुट पर जीवित थे। वे बिस्कुट खाकर ही भूख मिटाते थे।
‘सिस्टम को कई क्षेत्रों में सुधार की जरूरत’
असलम ने यह भी कहा कि आर्यन खान भी उनके बेटे की तरह हैं। उन्होंने कहा कि सिस्टम को कई क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जेल जाना एक आघात की तरह है। जरा उनके बारे में सोचिए जो इस वक्त जेल में हैं। अगर आज हमारे अपने बच्चे दीवार के उस तरफ हैं तो हम समझते हैं… यह कितना पीड़ा देने वाला है। बता दें कि तीनों आरोपियों को विस्तृत आदेश के बाद जेल से रिहा कर दिया जाएगा। कोर्ट में आर्यन के वकील और पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि विस्तृत आदेश कल दिया जाएगा। उम्मीद है वे सब कल या शनिवार तक जेल से बाहर आ जाएंगे।
25 दिन से आर्थर रोड जेल में बंद हैं आर्यन
इस मामले में जस्टिस एनडब्ल्यू साम्ब्रे ने सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों को जमानत दी और कहा- सभी तीनों अपीलें स्वीकार की जाती हैं। मैं कल शाम तक विस्तृत आदेश दूंगा। आर्यन के वकीलों ने तब नकद जमानत देने की अनुमति मांगी, जिसे कोर्ट ने अस्वीकार किया और कहा कि मुचलका देना होगा। जस्टिस साम्ब्रे ने कहा कि मैं कल आदेश दे सकता था, लेकिन मैंने यह आज दिया। आर्यन के वकीलों की टीम अब उनकी शुक्रवार तक रिहाई के लिए औपचारिकताएं पूरी करने का प्रयास करेगी। आर्यन (23 साल) फिलहाल न्यायिक हिरासत में 25 दिन से सेंट्रल मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद हैं।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
आर्यन, अरबाज और मुनमुन को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 3 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। उन पर मादक पदार्थ रखने, उसका सेवन करने, प्रतिबंधित मादक पदार्थ की खरीदी और बिक्री-साजिश के आरोप में स्वापक औषधि और मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस कानून) की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।