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तालिबान की डेडलाइन से एक दिन पहले अमेरिका ने छोड़ा अफगानिस्तान, हवाई फायरिंग कर मनाया जश्न

तालिबान की डेडलाइन से एक दिन पहले ही अमेरिका ने अफगानिस्तान छोड़ दिया है। जिससे अब पूरे मुल्क पर तालिबान का राज हो गया है। आपको बता दें कि आखिरी अमेरिकी विमान के सोमवार को उड़ान भरने के तुरंत बाद तालिबानी लड़ाके काबुल एयरपोर्ट में घुस गए और हवाई फायर करके आजादी का जश्न मनाया।

By: Amit ranjan 
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तालिबान की डेडलाइन से एक दिन पहले अमेरिका ने छोड़ा अफगानिस्तान, हवाई फायरिंग कर मनाया जश्न

नई दिल्ली : तालिबान की डेडलाइन से एक दिन पहले ही अमेरिका ने अफगानिस्तान छोड़ दिया है। जिससे अब पूरे मुल्क पर तालिबान का राज हो गया है। आपको बता दें कि आखिरी अमेरिकी विमान के सोमवार को उड़ान भरने के तुरंत बाद तालिबानी लड़ाके काबुल एयरपोर्ट में घुस गए और हवाई फायर करके आजादी का जश्न मनाया। इस दौरान, आतंकियों ने जमकर आतिशबाजी भी की। आखिरी उड़ान के साथ ही अफगानिस्तान में अमेरिकी की 20 साल की सैन्य उपस्थिति खत्म हो गई है।

‘डेली मेल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, आखिरी अमेरिकी विमान के काबुल हवाईअड्डे से उड़ान भरने के साथ ही बाहर मौजूद तालिबानी लड़ाके अंदर आ गए। उन्होंने जश्न मनाने के लिए हवाई फायरिंग और आतिशबाजी की। अफगानिस्तान का आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से नहा गया। हालांकि, आम अफगानियों का डर और बढ़ गया है। क्योंकि अब वो पूरी तरह से तालिबान के रहमोकरम पर हैं।

अमेरिकी सेना कुछ हेलीकॉप्टरों और विमान काबुल में ही छोड़ गई है, जिसका निरीक्षण तालिबानी लड़ाके करते नजर आये। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यूएस सैनिकों के जाते ही तालिबानी खुशी से पागल हो गए। वो गोलियां चलाते हुए हवाईअड्डे में दाखिल हुए और बच्चों की तरह यूएस आर्मी द्वारा छोड़े गए विमानों पर सवार होकर फोटो खिंचवाते रहे।

गौरतलब है कि तालिबान ने विदेशी सैनिकों के लिए 31 की डेडलाइन तय की थी। ब्रिटेन ने रविवार को अपना रेस्क्यू मिशन खत्म कर लिया था और अमेरिका सोमवार को मुल्क छोड़कर चला गया। हालांकि, सैकड़ों अफगानी, जिन्होंने यूएस और यूके की मदद की थी, अब भी अफगानिस्तान में फंसे हुए हैं। ब्रिटेन ऐसे करीब 1000 अफगानियों को छोड़ गया है। इसके अलावा, करीब 200 के आसपास अमेरिकी भी अभी अफगानिस्तान में हैं।

काबुल एयरपोर्ट का नजारा पूरी तरह से बदल गया है। जहां कल तक अमेरिकी और ब्रिटिश सैनिक मौजूद थे, आज वहां तालिबानी तैनात हैं। आम अफगानियों की भीड़ भी एयरपोर्ट से छट गई है। बता दें कि तालिबान पहले से ही लोगों को देश छोड़कर जाने से रोक रहा था। अब लोगों के पास वहां से निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा है। हालांकि, अमेरिका ने कहा है कि वो अफगान सहयोगियों की बाहर निकलने मदद करेगा, लेकिन इसकी संभावना कम ही नजर आती है।

यू.एस. सेंट्रल कमांड के प्रमुख जनरल फ्रैंक मैकेंजी ने बताया कि सोमवार रात को अमेरिका के आखिरी विमान ने काबुल से उड़ान भरी। उन्होंने कहा कि, ‘हम कई लोगों को वहां से नहीं निकाल पाए, इसका दुख हमेशा रहेगा। यदि हमें 10 दिन और मिल जाते, तो हम सबको अफगानिस्तान से निकाल लाते’। वहीं, जैसे ही एयरपोर्ट के बाहर मौजूद तालिबानियों को पता चला कि आखिरी यूएस विमान भी चला गया है, तो बिना एक पल गंवाए अंदर दाखिल हो गए।

तालिबान लड़ाकों ने पहले एयरपोर्ट में मौजूद यूएस आर्मी के विमानों का निरीक्षण किया, फिर अपनी खुशी बयां करने के लिए गोलियां चलाना शुरू कर दिया। काफी देर तक पूरे काबुल में गोलियों की आवाज गूंजती रही। इतना ही नहीं, आतंकियों ने आजादी का जश्न मनाने के लिए जमकर आतिशबाजी भी की।

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