नई दिल्ली : अफगानिस्तान के काबुल में रविवार को संदिग्ध आत्मघाती हमलावरों को निशाना बनाकर किए गए अमेरिकी ड्रोन हमले की तालिबान ने कड़ी निंदा की है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि दूसरे देशों में मनमाने ढंग से हमले करना गैरकानूनी हैं। प्रवक्ता जबीहुल्ला ने बताया कि इस हमले में 7 आम लोग भी मारे गए हैं।
रॉयटर्स के मुताबिक, तालिबान के प्रवक्ता ने चीन के सरकारी टेलीविजन चैनल सीजीटीएन से सोमवार का विदेशी धरती पर अमेरिकी कार्रवाई को गैर-कानूनी बताते हुए कहा कि इस हमले में सात लोगों की मौत हो गई है। सीजीटीएन को एक लिखित जवाब में मुजाहिद ने बताया- “अफगानिस्तान में अगर कोई संभावित खतरा था तो उसे हमें बताया जाना चाहिए था, मनमाने हमले नहीं करने चाहिए थे, जिसकी वजह से आम नागरिकों की मौत हुई है।”
वहीं पेंटागन के अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि आत्मघाती कार हमलावर काबुल में हवाई अड्डे पर उस जगह हमला करने की तैयारी कर रहा था जहां अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान से वापसी के अंतिम चरण में थे। अधिकारियों ने कहा कि संभावित खतरे को देखते हुए हमने इस तरह के कदम उठाए। उन्होंने बताया कि स्थानीय इस्लामिक संगठन आईएसआईएस-के की शह पर यह किया जा रहा था, जो पश्चिम और तालिबान दोनों का ही दुश्मन है।
वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि वह ड्रोन हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या का पता लगा रही है। बता दें कि इससे पहले मुजाहिद ने शनिवार को किए गए अमेरिकी ड्रोन हमले की भी निंदा की थी, जिसमें आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के दो आतंकवादी मारे गए थे। यह हमला पूर्वी प्रांत नांगरहर में हुआ था। इस हमले में एक बच्चे के साथ दो महिलाएं भी घायल हुई थीं।