दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है 8 फरवरी को वोटिंग होगी और 11 फरवरी यह साबित हो जाएगा की दिल्ली की गद्दी पर किसकी सरकार बैठेगी। चुनाव के घोषणा के बाद आम आदमी पार्टी ने सबसे पहले अपने उम्मीदवारों की घोषणा की, लेकिन आप ने अपने कई नेताओं के टिकट काटे हैं जिसके बाद पार्टी में मतभेद शुरु हो गया है और इसी बीच द्वारका से आम आदमी पार्टी के विधायक ने कांग्रेस से हाथ मिला लिया है।
दरअसल, आप के द्वारका से विधायक आदर्श शास्त्री कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने आदर्श शास्त्री को पार्टी की सदस्यता दिलाई। आप ने शास्त्री को टिकट नहीं दिया था जिसके बाद वो पार्टी से नाराज चल रहे थे। कांग्रेस में शामिल होने के बाद आदर्श शास्त्री ने दिल्ली की सरकार पर कई आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि, आम आदमी पार्टी में बहुत सोच समझ कर शामिल हुआ था, लेकिन यहां भ्रष्टाचार देखकर मन क्षुब्ध हुआ। इसके साथ ही उन्होंने केजरीवाल को तानाशाह भी कहा।
आप सरकार पर आरोप लगाते हुए शास्त्री ने कहा कि, केजरीवाल विधायकों को मिलने का समय नहीं देते। ऐसे में कोई भी अपना स्वाभिमान बेचकर वहां नहीं रह सकता। वह ईमानदारी का ढोंग करते हैं। जिस महाबल मिश्रा को 70 हजार वोट से हराया था, उसी के बेटे को 10 करोड़ में टिकट बेच दिया। विधानसभा चुनाव से पहले एमसीटी चुनाव में भी टिकटें बेची गई थी।
इसके आगे आदर्श शास्त्री ने कहा कि, आप पार्टी में विधायकों को डरा कर रखा जाता है, केजरीवाल केवल वोट बैंक की राजनीति करते हैं इसलिए एनआरसी और सीएए के मुद्दे पर चुप रहे। वहीं, उन्होंने आप के दो राज्यसभा सदस्यों पर टिकट बेचने का आरोप भी लगाया है। साथ ही उन्होंने कहा कि, इस बार द्वारका में ईमानदारी और बेईमानी का चुनाव होगा।