गुरुवार को लिस्टिंग के दौरान शेयरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बाद आईपीओ बाजार को लेकर थोड़ी निराशा दिख रही है, इसकी वजह यह है कि ग्रे मार्केट में एक को छोड़ बाकी सभी शेयरों पर प्रीमियम खत्म हो चुका है. सिर्फ मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स का शेयर ग्रे मार्केट में प्रीमियम पर कारोबार कर रहा था.
एक समय पर मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम 150 रुपये के आसपास था, जो घटकर 125 रुपये और अब सिर्फ 95 रुपये रह गया है. 135-145 रुपये के प्राइस बैंड के आधार पर यह शेयर अभी 66 फीसदी के प्रीमियम पर उपलब्ध है.
प्राथमिक बाजार में इस शेयर के आईपीओ को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी. इस सरकारी कंपनी के इश्यू को 157.41 गुना तक का सब्सक्रिप्शन मिला, जो इस सेगमेंट की कंपनियों को मिली सबसे अच्छी प्रतिक्रिया है.
निवेशकों ने इश्यू को दोनों हाथों से लपका और उनकी श्रेणी को 679 गुना का हैरतअंगेज सब्सक्रिप्शन मिला. रिटेल निवेशकों की श्रेणी को 35.63 गुना तक का सब्सक्रिप्शन मिला था. आमतौर पर अमीर निवेशक ही ग्रे मार्केट के भाव की नींव तैयार करते हैं. वे आईपीओ में ज्यादा शेयरों के लिए बोली लगाते हैं.
यूटीआई एसेट मैनेजमेंट के शेयर पर प्रीमियम भी ठंडा पड़ रहा है. इश्यू करीब 20 रुपये के डिस्काउंट पर कारोबार कर रहा है. फीके प्रीमियम के बाद सोमवार को एंजेल ब्रोकिंग के शेयर भी 10 फीसदी तक की डिस्काउट पर लिस्ट हुए, जिससे निवेशकों को मायूसी हाथ लगी.
यूटीआई एएमसी के 2,160 करोड़ रुपये के इश्यू को 2.31 गुना तक का सब्सक्रिप्शन मिला. रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी को 2.32 गुना तक सब्सक्राइब किया गया, जबकि अमीर निवेशकों की श्रेणी को सिर्फ 92 फीसदी का सब्सक्रिप्शन मिला.
गुरुवार को केमकॉन स्पेशिलिटी केमिकल के इश्यू को 115 फीसदी के प्रीमियम के साथ 730 रुपये के भाव पर पर लिस्टिंग मिली थी. कंपनी ने हैपिएस्ट माइंड्स के इश्यू को मात दी. हालांकि, गुरुवार को यह शेयर लोअर सर्किट तक फिसला और सोमवार को भी 12 फीसदी तक लुढ़क कर 516 रुपये तक फिसला.
वित्त वर्ष 2020-21 में कंप्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेज (कैम्स) सबसे बड़ा इश्यू था. इसके शेयर को 23 फीसदी के प्रीमियम पर लिस्टिंग मिली. कंपनी के शेयर 1,230 रुपये के भाव पर आए थे, जो 1,518 रुपये पर लिस्ट हुए थे.