1. हिन्दी समाचार
  2. विदेश
  3. एक साल से ट्रकों में रखे हुए हैं कोविड-19 मरीजों के 750 शव, कर रहे दफन होने का इंतजार

एक साल से ट्रकों में रखे हुए हैं कोविड-19 मरीजों के 750 शव, कर रहे दफन होने का इंतजार

By: Amit ranjan 
Updated:
एक साल से ट्रकों में रखे हुए हैं कोविड-19 मरीजों के 750 शव, कर रहे दफन होने का इंतजार

नई दिल्ली : चीन के वुहान से निकले कोरोना ने पूरी दुनिया को अपने चपेट में ले रखा है, जिसने पूरी दुनियां में तबाही मचा रखा है। इस महामारी ने एक तरफ जहां कई लोगों की जान ले ली, वहीं उसने कई घरों को उजाड़ दिया। इसी बीच दुनिया में कोरोना वायरस के कारण मरने वाले लोगों के अंतिम संस्कार से जुड़ी कई दुखद खबरें आ रही हैं। कहीं मृतक को दो गज जमीन नहीं मिल रहा तो, तो कहीं चिताएं सड़क पर जलानी पड़ रही है, तो कहीं अपनों ने ही अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।

एक ऐसी ही चौंकाने वाली खबर अमेरिका से सामने आई है, जहां कई मरीजों के शव 1 साल से  फ्रीजर ट्रकों में रखे हुए हैं और दफन किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। दरअसल  पिछले साल अमेरिका में जब कोरोना वायरस अपना कहर बरपा पर था तब यह खबर सामने आई थी कि न्यूयॉर्क (New York) में लोगों की बेतहाशा मौत के बाद प्रशासन को कोविड मरीजों के शवों को फ्रीजर ट्रक में रखना पड़ा था। स्‍थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक इन शवों को ट्रकों में रखे हुए एक साल हो गया है और इन्हें अब तक दफन नहीं किया गया है। द सिटी में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय प्रशासन ने स्‍वीकार किया है कि करीब 750 शवों को दफन करना बाकी है। अब इन शवों को दफन करने का काम शुरू किया जा रहा है।

गरीबों के कब्रिस्‍तान में दफन होंगे ये शव

आपको बता दें कि न्यूयॉर्क शहर में हार्ट आइसलैंड नाम का कब्रिस्‍तान है। यह यहां का सबसे बड़ा कब्रिस्तान है और यहां गरीबों या लावारिस शवों को दफनाया जाता है। ट्रकों में रखे इन शवों को भी यहीं दफनाया जाएगा। फिलहाल स्थानीय प्रशासन इन मृतकों के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, पिछले साल मार्च-अप्रैल में न्यूयॉर्क में कोरोना वायरस बुरी तरह करह ढा रहा था। तब ऐसे शवों को स्‍टोर कर दिया गया था जिनके परिवार अपने परिजनों को सही तरीके से विदाई देना चाहते थे।

बता दें कि दुनिया में कोरोना की सबसे बुरी मार अमेरिका ने ही झेली है, जहां 6 लाख मौतें दर्ज हुईं हैं। यहां अब भी 64 लाख एक्टिव केस हैं। हालांकि अब अमेरिका इससे उबर रहा है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...