नई दिल्ली : पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के पिछले तीन साल के कार्यकाल में पाकिस्तना ने अपने देश के विकास या शांति के लिए कुछ किया हो या न किया हो। लेकिन उन्होंने इमरान के कार्यकाल में गधों की जनसंख्या में रिकॉर्ड कायम किया है। जिससे पाकिस्तान दुनिया में गधों के मामले में तीसरे स्थान पर है। आपको बता दें कि इमरान खान के पिछले तीन साल के कार्यकाल के दौरान हर साल गधों की तादाद में एक लाख का इजाफा हुआ है।
वहीं अन्य जानवरों की बात करें तो, पाकिस्तान में अन्य जानवरों की वृद्धि दर लगभग स्थिर रही है। आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 से पता चला है कि पाकिस्तान में गधा ही एकमात्र ऐसा जानवर है, जिसकी आबादी 2001-2002 से हर साल 100000 की दर से बढ़ रही है। इसके अलावा ऊंट, घोड़े और खच्चर सहित अन्य जानवरों की जनसंख्या वृद्धि पिछले 13 वर्षों से स्थिर है। इससे पहले पीएमएल (एन) और पीपीपी की पांच साल के सरकार के दौरान गधों की आबादी 4 लाख बढ़ी थी।
चीन को हर साल 80 हजार गधों को भेजता है पाकिस्तान
बता दें कि एक समझौते के अनुसार, पाकिस्तान चीन को हर साल 80 हजार गधों को भेजता है। जिनका उपयोग मांस और कई अन्य काम के लिए किया जाता है। इसकी खाल का उपयोग चीन में कई तरह से किया जाता है। खाल से निकली जिलेटिन से कई प्रकार की दवाएं भी बनाई जाती हैं।
कई चीनी कंपनियों ने किया है निवेश
बता दें कि कई चीनी कंपनियों ने भी पाकिस्तान में गधों के व्यापार के लिए लाखों डॉलर का निवेश किया है। पाकिस्तान विश्व का तीसरा सबसे ज्यादा गधों की आबादी वाला देश है। पाकिस्तान में गधों के नस्लों के हिसाब से उनके दाम तय होते हैं।
गधों से मुनाफा कमा रहा पाक
रिपोर्ट्स की मानें तो, पाकिस्तान में एक गधे के खाल की कीमत 15 से 20 हजार पाकिस्तानी रुपये है। जिसे बेचकर पाकिस्तान खूब मुनाफा भी कमा रहा है। इतना ही नहीं, पाकिस्तान में गधों के इलाज के लिए अलग से अस्पताल भी बने हैं।
बता दें कि पाकिस्तान में गधों की कुल आबादी 56 लाख तक पहुंच गई है। इसी के साथ पाकिस्तान ने गधों की आबादी में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश होने का गौरव बरकरार रखा है।