मोदी सरकार 2.0 अपने कार्यकाल का दूसरा बजट शनिवार को पेश करने जा रही है। दुनिया भर में सुस्त पड़ते आर्थिक परिदृश्य के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला ‘फील गुड’ बजट पेश कर सकती हैं।
इस वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर पांच फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। जो ग्यारह साल में सबसे निचली वृद्धि होगी। जबकि सरकार पांच ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का रोड मैप भी तैयार कर रही है। इस लिहाज से वित्त वर्ष 2020-21 का आम बजट तैयार करना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
आपको बताते चलें कि, 1 फरवरी 2020 के बजट संसद भवन में वित्त मंत्री निर्मलासीतारमण पेश करेंगी। साथ ही इस बजट में आम लोगों को काफी उम्मीद है।
कॉरपोरेट टैक्स के बाद आम लोगों को मिल सकती राहत। कॉरपोरेट टैक्स में हुई है बड़ी कटौती।कॉरपोरेट के आम लोगों को भी मिल सकती है राहत। आयकर में कटौती की प्रबल संभावना।ग्रामीण और कृषि क्षेत्र को अधिक प्रोत्साहन मिल सकता है। ढांचागत क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए आवंटन बढ़ाया जा सकता है।
छूट की न्यूनतम सीमा 2.5 लाख से 5 लाख हो सकती है। साथ ही व्यक्तिगत आयकर स्लैब में बदलाव होने की संभावना। वहीं ऊंची आय वालों के लिए एक नया स्लैब बजट में रखा जा सकता है। साथ ही साथ बजट में निवेश और खर्च बढ़ाने के हर संभव उपाय किए जा सकते हैं।
पीएम किसान योजना के लिए बढ़ सकते हैं फंड। वहीं नवीकरणीय ऊर्जा को मिल सकता है और बल। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन हो सस्ते सकते हैं और बिजली की दरों में भी राहत मिल सकती है। जनता को सस्ते आवास, रियल एस्टेट में राहत मिल सकती है।
वहीं निर्यात प्रोत्साहन के क्षेत्र में नए प्रोत्साहनों की हो सकती है घोषण। ऑटो सेक्टर और छोटे कारोबारियों को राहत मिल सकती है।