राजधानी दिल्ली में आगामी 14 से 16 जनवरी के बीच रायसीना डायलॉग होना है। 17 देशों के विदेशमंत्री रायसीना डायलॉग की मेजबानी करेंगे। जिनमें भारत के विदेशमंत्री एस जयशंकर के साथ-साथ रूस और ईरान से लेकर लताविया के विदेशमंत्री भी शामिल होंगे। विदेशमंत्री एस जयशंकर 12 देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। लेकिन फोकस ईरान और रूस रहेगा।
भारत के साथ अहम हिस्सेदारी में रूस के विदेशमंत्री सर्गेई लावरोव और ईरानी विदेशमंत्री जावेद जरीफ के अलावा यूरोप, साउथ अफ्रीका, तनजानिया जैसे देश भी शामिल हैं। रायसीना डायलॉग में इस बार की सरकार के मुखिया मौजूद नहीं रहेंगे। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन आने वाले थे, लेकिन उन्होंने देश के जंगलों में लगी आग की वजह से यहां शिरकत करने का फैसला बदल लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे, लेकिन ऐसी संभावना है कि उनका भाषण नहीं होगा।
दूसरी तरफ बांग्लादेश के उपविदेश मंत्री शहरयार आलम ने शनिवार को अपना दौरा रद्द करने की घोषणा करते हुए कहा कि, उन्हें प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ UAE दौरे पर जाना होगा। हलांकि अंतिम समय में इस फैसले को CAA-NRC को लेकर ढाका की नाखुशी से जोड़कर देखा जा रहा है।
हलांकि बांग्लादेश विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि आलम किसी के साथ द्विपक्षीय बैठक नहीं करने वाले थे वह केवल रायसीना डायलॉल के लिए जाना था। इसलिए उनकी अनुपस्थिति को किसी दूसरे कारण से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। आपको बता दें कि पिछले 5 सालों में रायसीना डायलॉग का महत्व बढ़ गया है। इस साल 103 देशों के 700 प्रतिनिधि को शामिल होने की उम्मीद है।