आमतौर पर सब्जी की फसल में उगने वाला बथुआ का पौधा 1 से 1.5 फीट की ऊंचाई का होता है लेकिन गंगोह में नानौता रोड पर स्थित ज्योति ग्रामोद्योग संस्थान की बागवानी में बथुआ का पेड 10 फुट से भी अधिक ऊंचाई का हो गया है।
ज्योति ग्रामोद्योग संस्थान के संरक्षक मास्टर बलवीर सैनी ने बताया कि संस्थान की बागवानी में उगे बथुआ के पेड़ की ऊंचाई जब उद्यान अधिकारी ने नापी तो उसकी लंबाई 10 फीट से अधिक पाई गई।
उन्होंने बताया कि अभी तक जनपद सहारनपुर में इतनी ऊंचाई का बथुए का पेड़ नहीं पाया गया है।
ज्योति ग्रामोद्योग संस्थान के संरक्षक मास्टर बलवीर सैनी ने इस बथुआ के पौधे को विश्व का सबसे ऊंचा होने का दावा कर लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने को आवेदन किया है।
जिला उद्यान अधिकारी रवि कुमार ने भी इसकी पुष्टि की है।
जिस समय बथुआ के पेड़ की जिला उद्यान अधिकारी ने ऊंचाई नापी तो उस समय एसडीएम नकुड पीएस राणा भी मौके पर मौजूद रहे।
ज्योति ग्रामोद्योग संस्थान के संरक्षक मास्टर बलवीर सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि बथुए की पत्तियों में विटामिन ए प्रचुर मात्रा में होता है।
इसका शाक-रायता-पकौड़ी और पराठे बनाकर खाये जाते है। बड़े-बड़े शहरों में इसकी पत्तियों की बहुत डिमांड है।