नई दिल्ली : फरवरी की पहली सुबह के साथ ही लोगों का ध्यान टीवी और रेडियो की ओर है, क्योंकि आज की ही बजट पर 2021 का आर्थिक ढ़ांचा तय करेगा। दऱअसल 2020 में जारी कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण देश की अर्थव्यवस्था बहुत पिछड़ गई थी। हालांकि अनलॉक के बाद देश की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर आने लगा। जिसे लेकर देश ने राहत की सांस ली।
आपको बता दें कि 1 फरवरी 2021 को निर्मला वित्त मंत्री सीतारमण बजट पेश करेगी, जो पिछले बजट की ही तरह इतिहास रचेगा। गौरतलब है कि पिछले बजट में इसे बदलकर बहीखाता का रूप दिया गया था, जो इस साल 2021 में पेपरलेस होगा। यानी वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के हाथों में इस बार बहीखाता नहीं बल्कि टैब होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आम बजट पेश करने जा रही है।
इतिहास में यह पहली दफा है जब बजट कॉपी की छपाई नहीं होगी, जो पूरी तरह से पेपरलेस होगा। आपको बता दें कि सरकार ने यह ऐलान कोरोना महामारी को देखते हुए लिया है। बता दें कि इससे पहले ही दो और राज्य डिजिटल बजट पेश करने की शुरुआत कर चुके हैं। उत्तराखंड के बाद साल 2018 में असम ने ई-बजट की पेशकश की थी। इस डिजिटल बजट का मुख्य उद्देश्य इसे आम जनता तक पहुंचाना है।
पहले चमड़े के ब्रीफकेस लेकर आते थे वित्तमंत्री
पहले एक चमड़े के ब्रीफकेस के साथ वित्त मंत्री संसद भवन पहुंचते थे। लेकिन निर्मला सीतारमण ने वित्त मंत्री के सदन में ब्रीफ़केस लेकर जाने की परंपरा को भी ख़त्म कर दिया था और वो उसकी जगह पिछले साल ‘बही-खाता’ लेकर गई थीं। इसके अलावा 2016 में रेल बजट को आम बजट में शामिल कर लिया गया। उससे पहले यह अलग से पेश किया जाता था। उसी साल बजट की तारीख को बदल कर 1 फरवरी कर दिया गया था।