कर्नाटक में कांग्रेस के घोषणापत्र में ऐलान किया गया कि है अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो बजरंग दल पर पाबंदी लगाई जाएगी। जिसके बाद अब यह मामला छत्तीसगढ़ तक पहुंच गया है, जिसको लेकर सीएम बघेल का बड़ा बयान सामने आया है। दरअसल कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने एक घोषणापत्र जारी किया है, जिसमें बजरंग दल पर पाबंदी लगाने की बात कही गई है। जिसमें कांग्रेस का दावा है कि अगर कर्नाटक में उनकी सरकार बनती है तो बजरंग दल जैसे संगठनों को बैन कर दिया जाएगा। अब ये मुद्दा कर्नाटक से भारत के कई चुनावी राज्यों तक पहुंच गया है। जिसको लेकर अब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी बड़ा बयान दिया है। सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि यहां बजरंगियों ने गड़बड़ की है, हम लोगों ने उसे ठीक कर दिया है। अगर ज़रूरत पड़ी तो छत्तीसगढ़ में भी बजरंग दल पर बैन लगाने पर विचार होगा।
वहीं कांग्रेस के इस ऐलान के बाद से विपक्षी दल लगातार कांग्रेस पर हमलावर हैं। जहां राजस्थान में बीजेपी नेता सतीश पूनियां ने बीते दिन कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी और कांग्रेस में यही अंतर है कि बीजेपी देश के खिलाफ षडयंत्र रचने वालों पर वार करती है तो वहीं कांग्रेस राष्ट्रवाद की बात करने वालों पर हमलावर रहती है। दरअसल, एमपी के गृहमंत्री ने पीसीसी चीफ कमलनाथ को पत्र लिखकर सवाल किया कि वह कांग्रेस के इस निर्णय के पक्ष में हैं या विपक्ष में। इस पर कमलनाथ ने जवाब देते हुए कहा कि नफरत फैलाने वाले संगठनों पर बैन की बात तो सुप्रीम कोर्ट भी करता है, इसमें नया क्या है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मैनिफेस्टो कमेटी की बैठक सभी मामलों पर फैसला करेगी।