ग्रे मार्केट में बर्गर किंग के शेयर पर चल रहे प्रीमियम से यह संकेत मिलता है. बर्गर किंग के शेयर 14 दिसंबर (सोमवार) को स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध होंगे.
ग्रे मार्केट के डीलरों का कहना है कि अभी इस शेयर पर 43-45 रुपये प्रीमियम चल रहा है. कंपनी ने आईपीओ में एक शेयर का भाव 59-60 रुपये रखा था. एचएनआई कैटेगरी में यह इश्यू 354 गुना सब्सक्राइब हुआ था.
कर्ज लेकर आईपीओ में पैसा लगाने से पहले अमीर निवेशक आम तौर पर यह देखते हैं कि उन्हें लिस्टिंग पर कितना फायदा हो सकता है. वे यह भी देखते हैं कि एचएनआई कैटेगरी में आईपीओ कितना गुना सब्सक्राइब होता है. वे ज्यादातर अंतिम दिन आईपीओ में निवेश करते हैं. इसकी वजह यह है कि इससे कर्ज की रकम पर कम ब्याज चुकाना पड़ता है.
आम तौर पर निवेश की अवधि 7 दिन होती है. आईपीओ में निवेश के लिए कर्ज ली गई रकम पर ब्याज की दर आम तौर पर 6.5 से 7.5 फीसदी होती है. मान लीजिए कोई अमीर निवेशक बर्गर किंग के आईपीओ में निवेश के लिए 7 फीसदी ब्याज पर कर्ज लेता है. 60 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर 354 गुना सब्सक्रिप्शन को देखते हुए इसमें निवेश की लागत प्रति शेयर 25.52 रुपये आएगी.
इस तरह 7 दिन के लिए 7 फीसदी ब्याज दर प्रति शेयर खर्च 88.52 रुपये (60+28.52) रुपये आएगा. अगर ग्रे मार्केट में इस शेयर पर प्रीमियम 45 रुपये बना रहता है तो शेयर बाजार में इस शेयर की लिस्टिंग 105 रुपये (160+45) पर हो सकती है. इस तरह अमीर निवेशक इस आईपीओ में निवेश से 18.6 फीसदी रिटर्न कमा सकते हैं.
अगर कर्ज 7.5 फीसदी ब्याज पर लिया जाता है तो कर्ज की लागत 30.56 रुपये होगी. इस तरह 60 रुपये की शेयर की कीमत में इस रकम को जोड़ने पर प्रति शेयर कुल रकम 90.56 रुपये आएगी. ऐसे में अमीर निवेशक का इस आईपीओ से रिटर्न घटकर 15.94 फीसदी रह जाएगा.
अनलिस्टेड शेयरों के गुजरात के डीलर अभय दोषी ने कहा कि बर्गर किंग के मामले में अमीर निवेशकों के लिए ब्याज की औसत दर 6.5 फीसदी थी.