भारत को 20 साल पुराने फिक्सिंग मामले में बड़ी सफलता मिली है। साउथ अफ्रीका और भारत के बीच साल 2000 में हुई वनडे सीरीड में फिक्सिंग के आरोपी संजीव चावला को लंदन से दिल्ली लाया गया है। संजीव चावला वही बुकी है जिसने साउथ अफ्रीका के हैंसी क्रॉन्ये के साथ मिलकर फिक्सिंग किया था। मामले का खुलासा होने के बाद वह लंदन भाग गया था।
बताते चले कि, पिछले महीने यूके में हाईकोर्ट ने संजीव चावला की याचिका को खारिज करते हुए प्रत्यपर्ण का आदेश दिया था। सुनवाई के दौरान जस्टिस डेविड बीन और जस्टिस क्लाइव लुइस ने कहा था कि संजीव चावला की याचिका को अस्वीकार किया जाता है। भारत-इंग्लैंड प्रत्यर्पण संधि के तहत उसे 28 दिनों के भीतर भारत भेजा जाए।
हाईकोर्ट ने भारत सरकार से कहा कि उसे स्पेशन सेल में रखा जाए जहां उसकी सुरक्षा और स्वास्थ्य का बेहतर ख्याल रखा जा सके। इस पर भारत सरकार की तरफ से पेश वकील ने कहा कि उसकी इस मांग को सरकार गंभीरता से लेगी और उसे किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचेगा।
जुलाई 2013 में दिल्ली पुलिस ने एक चार्जशीट फाइल की थी, जिसमें संजीव चावला और हैंसी का नाम शामिल था। क्रोन्ये की 2002 में एक प्लेन क्रैश में मौत हो गई थी। 70 पन्नों की चार्जशीट में संजीव चावला और हैंसी क्रोन्ये को 2000 में 16 फरवरी और 20 मार्च को खेले गए भारत-दक्षिण अफ्रीका के मैच फिक्स करने का आरोपी बताया था।
इस मामले में उस समय बड़ी कामयाबी मिली जब ब्रिटिश पुलिस ने प्रमुख आरोपी संजीव चावला को 14 जून, 2016 में गिरफ्तार कर लिया। ब्रिटेन की क्राउन प्रोसिक्यूशन सर्विस के अनुसार चावला को भारत सरकार की गुजारिश पर गिरफ्तार किया गया था। एक लंबी प्रक्रिया के बाद अब संजीव चावला के प्रत्यर्पण को मंजूरी मिली है और उन्हें भारत लाया गया है।