उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू ने जनसंख्या वृद्धि और इसकी वजह से उत्तपन्न हो रही समस्याओं पर चिंता जाहिर की है। इसके साथ ही उन्होंने राजनीतिक दल पर आरोप लगाते हुए कहा कि, वह इस समस्या से मुंह छुपा रहे हैं और इस पर संसद में भी पर्याप्त चर्चा नहीं होती है।
इस बीच शिवसेना सांसद ने राज्य सभा में 2 बच्चा नीति को लेकर एक बिल भी सदन में पेश किया है, जिसपर बजट सत्र के दूसरे हिस्से में चर्चा हो सकती है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि, बढ़ती आबादी वाले भारत जैसे देश में यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कोई भी जनसंख्या की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। राजनीतिक दल मुंह छुपा रहे हैं, नेता भी मुंह छुपा रहे हैं, सांसद में भी इस मुद्द पर प्रयाप्त चर्चा नहीं होती है। भारत में आबादी बेतहाशा बढ़ रही है और यातायात जैसी समस्याएं उत्पन्न कर रही है।
भारतीय कृषि शोध संस्थान के 58वें दीक्षांत समारोह में शुक्रवार को नायडू ने कहा कि, आबादी की समस्या और कृषि उत्पादन बढ़ाना न सिर्फ हमारी खाद्य सुरक्षा बल्कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए आवश्यक है। यदी आबादी इसी तरह से बढ़ती रही और आपने इसी हिसाब से उपज में वृद्धि नहीं की, आने वाले समय में समस्या उत्पन्न होगी। उन्होंने यह भी कहा कि, भारत जैसा देश खाद्य सुरक्षा के लिए आयात पर निर्भर नहीं रह सकता है।