काशी विद्यापीठ के फाइन आर्ट्स के छात्र रूपेश सिंह ने बालू की रेत पर केन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान का तस्वीर उकेर कर उनको विन्रम श्रद्धांजलि दी है।
रूपेश सिंह ने बताया कि राम रामविलास पासवान एक उदारवाद नेता थे। वह दलित होते हुए भी सिर्फ दलितों के नेता नही थे।
राजनीतिक में 5 दशकों की कैरियर में उन्होंने जनता की दिलों पर राज किया ,पासवान जी ऐसे व्यक्ति थे कि जनता उनको अपने पलकों पर बैठा कर रखती थी।
जनता के इसी प्यार से सर्वाधिक मतों से जितने का विश्व रिकार्ड भी रामविलास पासवान जी के नाम है।
आज रामविलास पासवान जी हम लोगों के बीच नही है जिसकी कमी हमेशा रहेगी।

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान ने गुरुवार शाम 74 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
शुक्रवार शाम पासवान का पार्थिव शरीर वायुसेना के विशेष विमान से पटना पहुंचा।
शनिवार दोपहर 12;30 बजे दीघा घाट पर रामविलास पासवान का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
राम विलास पासवान का राजनीतिक करियर 1970 के दशक में लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के साथ शुरू हुआ था। वे पहली बार वर्ष 1969 में अलौली सीट से विधानसभा चुनाव जीते थे।
राम विलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस की मांग, भाई को मिले भारत रत्न और 12 जनपत को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग उन्होंने उठाई है।