बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में वर्षावास 2026 के दौरान बौद्ध परंपरा, सेवा और श्रद्धा का सुंदर संगम देखने को मिला। पंचशील बुद्ध विहार सदर बैतूल के तत्वावधान में अशोका बुद्ध विहार कालापाठा में आयोजित चारिका कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस अवसर पर भिक्षु संघ का स्वागत कर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भोजनदान किया और धम्म परंपरा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
वर्षावास के दौरान भिक्षु संघ पैदल चारिका करते हुए विभिन्न क्षेत्रों और उपासकों के घरों तक पहुंच रहा है। श्रद्धालु भिक्षादान और भोजनदान के माध्यम से सेवा भाव का परिचय दे रहे हैं। चारिका को भगवान बुद्ध के धम्म, मैत्री, करुणा और सदाचार के संदेश को समाज तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण परंपरा माना जाता है।
कार्यक्रम के दौरान भिक्षु संघ ने उपस्थित श्रद्धालुओं को पंचशील के सिद्धांतों का पालन करने और मध्यम मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि धम्म का मूल उद्देश्य मानव जीवन में शांति, सद्भाव और करुणा का विस्तार करना है।

चारिका कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालुओं ने भिक्षु संघ से आशीर्वाद प्राप्त किया और समाज में सेवा, सदाचार तथा मानव कल्याण के मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।
वर्षावास समिति ने जानकारी दी कि वर्षावास अवधि में प्रत्येक रविवार बैतूल जिले के विभिन्न बुद्ध विहारों में चारिका कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को धम्म से जोड़ना और उन्हें पुण्य कार्यों में सहभागी बनने का अवसर प्रदान करना है।