मधुबनी। बिहार में वर्ष 1995 से बंद पड़ी सकरी और रैयाम चीनी मिलों के पुनः संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होती दिखाई दे रही है। मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक माधव आनंद ने दावा किया है कि 20 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन परियोजनाओं की आधारशिला रख सकते हैं। इसको लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
विधायक माधव आनंद ने बताया कि सकरी चीनी मिल को लगभग 347 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। उनका कहना है कि मिल शुरू होने से क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
विधायक के अनुसार, चीनी मिल के संचालन से करीब 5 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। इसके साथ ही गन्ना उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होने की उम्मीद जताई जा रही है।

चीनी मिल के दोबारा चालू होने से आसपास के क्षेत्रों में गन्ने की खेती को नया प्रोत्साहन मिलेगा। लंबे समय से बंद पड़ी मिलों के कारण प्रभावित किसानों को अपनी फसल की बिक्री के लिए बेहतर विकल्प मिल सकेंगे, जिससे कृषि क्षेत्र को भी मजबूती मिलने की संभावना है।
हिंद मजदूर सभा के अध्यक्ष अघनु यादव ने बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की पहल का स्वागत किया। उन्होंने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने वाले मीडिया संस्थानों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र के श्रमिकों और किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा।