प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से तीन नई वंदे भारत ट्रेनों का उद्घाटन किया, जिससे उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक में कनेक्टिविटी बढ़ेगी। नए मार्ग हैं: मेरठ सिटी से लखनऊ, मदुरै से बेंगलुरु और चेन्नई एग्मोर से नागरकोइल। उन्होंने कहा कि वंदे भारत ट्रेनों का ये विस्तार, ये आधुनिकता, ये रफ्तार… हमारा देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर कदम दर कदम बढ़ रहा है।
नई वंदे भारत ट्रेनों की मुख्य विशेषताएं
1.मेरठ सिटी-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस: यह नया मार्ग पहली बार मेरठ को लखनऊ से जोड़ेगा, जिससे धार्मिक पर्यटन और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की राजधानी तक जल्दी पहुँच होगी।
2.मदुरै-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस: मंदिरों के शहर मदुरै को बेंगलुरु के टेक हब से जोड़ने वाली यह ट्रेन तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच व्यापार, शिक्षा और काम से जुड़ी यात्रा को बढ़ाएगी।
3.चेन्नई एग्मोर-नागरकोइल वंदे भारत एक्सप्रेस: इस सुंदर क्षेत्र में पहली वंदे भारत सेवा, जो 726 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और तमिलनाडु के 12 जिलों को जोड़ेगी, से तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों दोनों के लिए यात्रा में सुधार होने की उम्मीद है।
महत्व और विशेषताएँ
‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत 15 फरवरी, 2019 को लॉन्च की गई वंदे भारत एक्सप्रेस, आधुनिक, शानदार और कुशल रेल यात्रा का प्रतिनिधित्व करती है। वर्तमान में 100 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें चालू हैं, जो पूरे भारत में 280 से अधिक जिलों को जोड़ती हैं, जिससे देश भर में यात्रा के अनुभव बदल रहे हैं।
ये ट्रेनें कवच तकनीक, घूमने वाली कुर्सियाँ, दिव्यांगजनों के अनुकूल शौचालय और एकीकृत ब्रेल साइनेज जैसी उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से लैस हैं, जो एक शीर्ष-स्तरीय और समावेशी यात्रा अनुभव सुनिश्चित करती हैं।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं पर प्रभाव
नई वंदे भारत ट्रेनें कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं का समर्थन करने के लिए तैयार हैं। मेरठ और नागरकोइल जैसे क्षेत्रों को तेज़ और अधिक कुशल यात्रा विकल्पों का लाभ मिलेगा, जो क्षेत्रीय विकास में और योगदान देगा।