Uttrakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और उसके साथ ही यात्रा को दोबारा शुरू करने को लेकर तैयारियों की समीक्षा की ।
इस अतिवृष्टि के कारण 29 स्थानों के पैदल एवं सड़क मार्ग बाधित हुए साथ ही विद्युत,पेयजल और अन्य सरकारी संपत्यियो को भारी नुकसान पहुंचा ,और दूरभाष सेवाए भी बाधित हुई है।
आपको बता दें की इस अभियान के तहत 12 हजार से अधिक यात्री और स्थानीय लोगो का रेस्क्यू किया गया और अब यह अभियान पूरा हो चुका है।धामी सरकार चिनुक और एमआई हेलीकॉप्टर सहित हर संभव सहयाता उपलब्ध कराने के लिए हम केंद्र सरकार का धन्यवाद करते है।
टिकटों पर 25 प्रतिशत मिली छूट
केदारघाटी में आई अतिवृष्टि के बाद राज्य सरकार द्वारा हर तरह से राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जिला प्रशासन को रेस्क्यू ऑपरेशन करने के लिए निर्देश दिए गए। केदारनाथ धाम की यात्रा दोबारा हैली के माध्यम से पुनः संचालित हो जाएगी।
हैली सेवा के माध्यम से केदारनाथ दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालुओं को किराए में 25 प्रतिशत छूट दी जाएगी जिसका वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।
पैदल मार्ग का पुन निर्माण हुआ शुरु
दरअसल, पैदल मार्ग से जल्द यात्रा शुरू करने के लिए भी सैन्य बल पर काम हो रहा है। इस पुन निर्माण के लिए विभिन्न स्थानों पर क्षतिग्रस्त मार्ग को दुरुस्त करने के लिए श्रमिकों की अलग-अलग टुकड़ियां लगाई गई हैं, जो भारी वर्षा और पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों व मलबे के बीच जान हथेली पर रखकर कार्य कर रही हैं। पैदल यात्रा शुरू होने में अभी लगभग एक सप्ताह लग सकता है।
पहाड़ी इलाकों पर गिर रहे है पत्थर
आठ स्थानों पर तो पहाड़ी से लगातार पत्थर बरस रहे हैं, जो श्रमिकों के लिए काफी घातक साबित हो सकता हैं। वहीं, सोनप्रयाग में ध्वस्त हाईवे को बनाने में अभी वक्त लग सकता है।
यहां बीते दिनों राष्ट्रीय राजमार्गों ने यहां सड़क बनाने का काम शुरू किया , लेकिन दोबारा भूस्खलन होने से स्थिति पहलो की तरह हो गई।
इसलिए अब सड़क बनाने से पहले एनएच लोनिवि यहां 150 मीटर पैदल रास्ता तैयार करने में जुटा है, ताकि क्षेत्र में पैदल आवाजाही प्रभावित ना हो और आवाजाही पुन: कराई जा सके।
This post is written by PRIYA TOMAR