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उत्तराखंड: नहीं रुक रही आफत की बारिश, तोता घाटी में भूस्खलन, राष्ट्रीय राजमार्ग-58 बाधित, पहाड़ दरकने से गिरीं बड़ी-बड़ी चट्टानें

उत्तराखंड में बारिश अब भी आफत बनकर बरस रही है। सूबे को तोता घाटी के पास पहाड़ी रास्ते एक बार फिर बाधित हो गए हैं। ऋषिकेश से श्रीनगर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-58 भी प्रभावित हुआ है। यहां पहाड़ ढहने से बड़ी-बड़ी चट्टानें नीचे आ गिरीं। जिससे वाहनों की आवाजाही रुकी हुई है।

By: RNI Hindi Desk 
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उत्तराखंड: नहीं रुक रही आफत की बारिश, तोता घाटी में भूस्खलन, राष्ट्रीय राजमार्ग-58 बाधित, पहाड़ दरकने से गिरीं बड़ी-बड़ी चट्टानें

रिपोर्ट: सत्यम दुबे

देहरादून: उत्तराखंड में बारिश अब भी आफत बनकर बरस रही है। सूबे को तोता घाटी के पास पहाड़ी रास्ते एक बार फिर बाधित हो गए हैं। ऋषिकेश से श्रीनगर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-58 भी प्रभावित हुआ है। यहां पहाड़ ढहने से बड़ी-बड़ी चट्टानें नीचे आ गिरीं। जिससे वाहनों की आवाजाही रुकी हुई है। बड़ी संख्या में लोग आधे रास्ते पर ही अटक गए हैं। पहाड़ दरकने के कई वीडियो सामने आए हैं। आप देख सकते हैं कि, क्या हालत हुए हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, भूस्खलन के कारण शिवमूर्ति, तोता घाटी और सौधपानी के पास अवरुद्ध है। वहीं, ऋषिकेश-श्रीनगर हाईवे पर शिवमूर्ति के पास का रास्ता भी बंद हो गया है। खबर है कि  पुलिस एवं सड़क मार्ग प्रबंधन मौके पर पहुंच गया है और टीमें रास्ता साफ करने में लगी हैं।
आपको बता दें कि सूबे में लगातार बारिश के कारण पहाड़ कमजोर हो रहे हैं, जिससे यहां कई भूस्खलन जोन बन गए हैं। भारी बारिश की वजह से यहां जगह-जगह भूस्‍खलन की घटनाएं हो रही हैं। शनिवार को यहां बड़ा हादसा होते-होते बचा। भूस्‍खलन के कारण जोशीमठ के झाड़कुला इलाके में स्थित तीन मंजिला ढह गया था। इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

इसके साथ ही आपको बता दें कि  भूस्खलन से बदरीनाथ हाईवे का लगभग 200 मीटर हिस्सा भी खतरे की जद में आ गया था। लेकिन गनीतम ये रही कि, पहाड़ी के नीचे बने घरों पर होटल का मलवा नहीं गिरा। इससे पहले गत 25 जुलाई को बारिश से तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना की सुरंग के आगे से भारी मात्रा में भूस्खलन हो गया था।

वहीं, दूसरी ओर टिहरी में चंबा-धरासू हाईवे पर गोजमेर गांव के पास भारी भूधंसाव होने से शनिवार सुबह सात घंटे तक बंद रहा, जिससे राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पहाड़ी से लगातार मिट्टी-पत्थर गिरने के कारण मलबा हटाने में बीआरओ को काफी पसीना बहाना पड़ा। पिछले कुछ समय से उत्तराखंड और हिमाचल में बारिश के चलते लगातार भूस्खलन की डराने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं। बारिश यहां आफत बनी हुई है।

 

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