हल्द्वानी: एमबीपीजी काॅलेज के पास भले ही अपना कोई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मानक का खेल मैदान न हो मगर, यहां के खिलाड़ी हर मैदान मारने में सक्षम हैं। फिर बात चाहे कुमाऊं विश्वविद्यालय की खेल प्रतियोगिताओं की हो या फिर किसी और प्रतियोगिता की।
इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हर साल कुमाऊं विवि की ओर से कराए जाने वाली अंतर महाविद्यालयी खेल प्रतियोगिताओं में एमबी की टीम शीर्ष पर रहती आई है। 2019-20 के अंतर महाविद्यालयी खेलों में 11 इवेंट में से आठ में टीम शीर्ष स्थान बनाकर अपनी बादशाहत बरकरार रखी थी।
एमबीपीजी के विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी अव्वल रहते हैं। कुमाऊं विवि की ओर से विभिन्न डिग्री कॉलेजों में कराए जाने वाले खेलों में एमबीपीजी की महिला-पुरुष टीमें हमेशा पहले या दूसरे पायदान पर रहती है।
जबकि कालेज के पास न तो इतना बड़ा खेल मैदान है कि उसमें क्रिकेट, बैडमिंटन, फुटबाल जैसे बड़े खेलों की प्रेक्टिस खिलाडिय़ों को कराई जा सके।
अंतर महाविद्यालयी खेलों में एमबी की टीम क्रास कंट्री, टेबल टेनिस, बास्केटबाल, कबड्डी, लान टेनिस, वालीबाल का खिताब अपने नाम किया। जबकि बैडमिंटन, रेसलिंग आदि इवेंट में टीम ने सेमीफाइनल व फाइनल तक का सफर तय किया।
कालेज के पास मौजूद एकमात्र मैदान में अब तक खिलाड़ी प्रेक्टिस करते थे। एनसीसी की परेड भी यहीं होती थी। लेकिन अब कालेज प्रशासन ने उस मैदान के एक हिस्से पर बहुउद्देशीय भवन बना दिया है। जिसका छात्रनेताओं ने विरोध भी किया था।
एमबीपीजी कॉलेज के खेल विभाग के विभागाध्यक्ष पुष्कर गौड़ ने बताया कि उनकी नजर हमेशा वीसी ट्रॉफी पर है। ये उसी कॉलेज को प्रदान की जाती है जो अंतर महाविद्यालयी खेल प्रतियोगिताओं में पहले नंबर पर रहती है।
प्रत्येक इवेंट में जीत दर्ज करने वाली टीम को पांच व उपविजेता टीम को तीन नंबर प्रदान किए जाते हैं। इन्हीं अंकों के आधार पर वीसी ट्रॉफी का हकदार तय होता है।