देहरादून : निगम के कर्मचारियों को चार माह से वेतन नहीं मिला है, सरकार के अंतरराज्यीय रूटों पर बस चलाने की अनुमति के बाद से निगम कोरोना के चलते बंद रूटों को खोल कर वहां बसें दौड़ाने की तैयारी में है।
इसके लिए सबसे पहले प्रबंधन ने सरेंडर की करीब 150 बसों को आरटीओ आफिस से रिलीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद बंद रूटों का प्रस्ताव बनाकर उसको मुख्यालय भेज रहा है।
परिवहन निगम कोरोना के चलते बंद हुए रूटों पर बसें दौड़ाने की तैयारी में हैं, इसके लिए वह सभी सरेंडर बसों को रिलीज करवा रहा है। नए रूट पर बसों के दौड़ने से जहां संविदा और विशेष श्रेणी के चालक-परिचालकों को काम मिलेगा वहीं रोडवेज की आय में भी वृद्धि होगी। कोरोना के चलते परिवहन निगम की हालत खस्ता है।
इन रूटों पर जाएंगी बसें
चंडीगढ़, लुधियाना, फरीदाबाद, पठानकोट, जालंधर, हिसार, गुरुग्राम, लखनऊ, आगरा, मेरठ, कानपुर आदि रूटों पर बसें चलायी जानी हैं।
कोरोना के चलते रूट बंद थे। इसके चलते निगम के संविदा-विशेष श्रेणी के चालक-परिचालक को काम नहीं मिल रहा था, जिससे वह परेशान थे। काम नहीं मिलने से उनकी सैलरी आधी से भी कम हो गई है।
इसके बाद संविदा-विशेष श्रेणी के चालक परिचालक प्रबंधन से रूट पर भेजने की डिमांड कर रहे हैं। बीते दिनों सहायक महाप्रबंधक का घेराव भी कर चुके हैं। एक अनुमान के मुताबिक 150 गाड़ियों के रूटों पर चलने से करीब 700 चालक परिचालकों को काम भी मिल सकेगा।
रोडवेज की सबसे ज्यादा आय दशहरा-दीवाली में होती है। इसे त्योहारी सीजन कहा जाता है। बुरी तरह से घाटे में चल रहे विभाग को त्योहारी सीजन से काफी उम्मीद हैं। हालांकि दशहरा दिवाली में त्योहार मनाने के लिए बडे़ शहरों से घरों को आने वाले लोग कोरोना के चलते पहले ही लौट चुके हैं।
मुख्यालय से आदेश पर सरेंडर गाड़ियां रिलीज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके साथ कोरोना के चलते बंद रूट में मुख्यालय के आदेश के अनुसार गाड़ियों को दौ़ड़ाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, इससे संविदा और विशेष श्रेणी के कर्मचारियों को काम मिल सकेगा।