उत्तराखंड: गैरसैण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किए जाने के बाद स्थानीय लोगो मे खुशी का माहौल है। और लोगों को उम्मीद है की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनने से पूरे क्षेत्र को लाभ मिलेगा। इसी के साथ उन्होंने कहना है कि, अधिकारी मंत्री जब यहा बैठेगे तो निश्चित तौर पर यहा की समस्याओं से रुबरू हो कर शीध्र ही समस्याओं का निराकरण भी होगा।
ग्रीष्मकालीन राजधानी बनने से जहां एक ओर विकास गति पकडेगा तो वहीं, दूसरी ओर पलायन पर भी अंकुश लगेगा। ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित होने के बाद से लोगों का उत्साह देखने लायक है, पलायन की समस्या के हल के साथ साथ लोगों को उम्मीद है की उघोग धंधे भी यहा अब विकसित होंगे ।
आपको बताते चलें कि, उत्तराखंड राज्य गठन के 19 साल बीत जाने के बाद गैरसैंण को प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित कर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मास्टर स्ट्रोक लगाया है, और आज गैरसैंण विधानसभा के बाहर गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने की खुशी में मुख्मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विधानसभा के बाहर होली का कार्यक्रम आयोजित किया। जहां पार्टी के तमाम बड़े नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।