उत्तराखंड ने आज अपने 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर रजत जयंती वर्ष में प्रवेश किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के कचहरी स्थित शहीद स्मारक पर पहुंचकर राज्य के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले आंदोलनकारियों को पुष्पांजलि अर्पित की और उनके बलिदान को नमन किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन हमारे आंदोलनकारियों के अथक संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया, जिन्होंने उत्तराखंड की नींव रखी थी। मुख्यमंत्री ने राज्य को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया और कहा कि उनकी सरकार लगातार राज्य आंदोलनकारियों के सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है।
इस अवसर पर देहरादून के रिजर्व पुलिस लाइन्स में रैतिक परेड आयोजित की गई, जिसमें राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने परेड की सलामी ली। इसके साथ ही, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ अनिल चौहान की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को ‘उत्तराखंड गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री धामी ने की कई घोषणाएं
1.सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नई नीति का निर्माण, जिसमें सभी विभागों का सहयोग लिया जाएगा।
2.महिला सशक्तिकरण के लिए महिला नीति जल्द ही बनाई जाएगी।
3.50 से अधिक जनसंख्या वाले गाँवों को सड़क से जोड़ा जाएगा।
4.सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ठेकेदारों और अभियंताओं की जवाबदेही तय की जाएगी।
5.मातृ-शिशु स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
6.प्रवासी उत्तराखंडी लोगों के लिए हर साल जनवरी में ‘अंतर्राष्ट्रीय उत्तराखंडी प्रवासी दिवस’ आयोजित किया जाएगा।