देहरादून: राजमार्ग क्षतिग्रस्त होने के चलते एनएन प्रशासन की ओर से 10 अक्तूबर को यात्रा के मद्देनजर राजमार्ग खोला जाना सभव नहीं है। विभाग की ओर से हाईवे को दुरुस्त करने में अभी एक हफ्ते का समय और लगने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर तोताघाटी में ऑल वेदर रोड निर्माण के तहत कटिंग कार्य एनएच प्रशासन के लिए लगातार चुनौती बना हुआ है। इस साल 22 मार्च से एनएच प्रशासन की ओर से तीन बार कटिंग के लिए शटडाउन लिया जा चुका है। करीब 85 दिन के शटडाउन के बाबजूद राजमार्ग पर यातायात बहाल किये जाने में एनएच टीम कामयाब नहीं हो पा रही है।
तोताघाटी में भारी भरकम रॉक कटिंग मशीनों सहित पोकलैंड व बड़ी संख्या में जेसीबी मशीनें लगाई गयी हैं। एनएच एई बीएन द्विवेदी के अनुसार राजमार्ग को 10 अक्तूबर को खोले जाने की पूरी तैयारी हो चुकी थी, लेकिन बीते बुधवार रात को ब्लॉस्टिंग के दौरान भारी चट्टानी मलबा सड़क के ऊपर आ गिरा। इससे करीब करीब दस मीटर तक की सड़क पूरी तरह धंस गयी।
उन्होंने बताया कि पहाड़ी को भीतर की ओर दोबारा करीब चार मीटर तक काटकर सड़क बनानी जाएगी। इसमें एक हफ्ते तक समय और लग सकता है।
ऑल वेदर रोड के टीम लीडर जेके तिवारी ने बताया कि तोताघाटी में यातायात बहाल करने में काफी जोखिम बना हुआ है। वहीं लगभग छह माह से राजमार्ग खुलने की बाट जोह रहे देवप्रयाग क्षेत्र के लोगो को सड़क खुलने का इंतजार और बढ़ गया है।
तोताघाटी के लगातार कटिंग से राजमार्ग बंद होने से देवप्रयाग नगर व आसपास का आमजन जीवन खासा प्रभावित है। क्षेत्रवासियों को देवप्रयाग से ऋषिकेश जाने के लिए 70 किमी के बजाय चाका-गजा-खाडी होकर 128 किमी का सफर करने की मजबूरी बनी हुई है।