विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने पशुलोक की डेयरी का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने पूर्व में हाईकोर्ट के निर्देशानुसार वीरपुर खुर्द के पास तिकोनिया भूमि से पशुपालन विभाग के पास 57 गोवंश आए। निरीक्षण के दौरान मौके पर 57 में से 26 गोवंश ही मिले। जिस पर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा गोवंश के गायब होने की जानकारी मांगी गई। इस पर जिम्मेंदार अधिकारियों का कहना था, कि मामले की जानकारी नहीं जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने पशुपालन मंत्री रेखा आर्य से मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने की बात कही।
बता दें कि, सर्वजीत सेवा समिति की ओर से तिकोनिया भूमि, वीरपुर खुर्द पर गोशाला में 57 गोवंश रखे गए थे। जिसे हाईकोर्ट के आदेश के बाद पशुपालन विभाग ने पशुलोक में रखा। इन सभी गायों की सेवा की जिम्मेदारी पशुपालन विभाग (पशुलोक) को दी गई थी। इसी कड़ी में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने रविवार को पशुलोक पहुंचकर सभी 57 गोवंशों की जानकारी ली लेकिन, मौके पर डेयरी में 26 गोवंश ही पाई गए।
जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने पशुलोक के परियोजना निदेशक से इसकी जानकारी ली। जिस पर परियोजना निदेशक ने उन्हें जानकारी ना होने का हवाला दिया। इस गैर जिम्मेदाराना रवैये और लापरवाही पर विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि तिकोनिया भूमि में गौशाला में रखी हुई 57 गोवंशों को पशुपालन विभाग को सौंपा गया था। पशुपालन विभाग को इन सभी गायों की सभी प्रकार की सुविधाएं और डॉक्टरी जांच की जिम्मेदारी दी गई थी।
उन्होंने कहा कि ये चिंता का विषय है कि मौके पर 57 गोवंश में से केवल 26 गोवंश ही मिले हैं। वहीं, उन्होंने वीरपुर खुर्द में ग्रामीणों को रास्ते की समस्या और असुविधा का स्थलीय निरीक्षण भी किया। जहां पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन भी दिया। उधर, मामले को लेकर पशुपालन विभाग के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन अधिकारी कुछ भी कहने से बचते नजर आए।