मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले गंगा एक्सप्रेस- वे परियोजना का निर्माण कार्य अगले साल जनवरी में शुरू होगा। 628 किमी लंबे इस एक्सप्रेस- वे को 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य है। यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस- वे होगा। इसके पूरा होने पर यूपी में एक्सप्रेस- वे का ऐसा संजाल बिछ जाएगा जिससे एक कोने से दूसरे कोने जाने के सफर कम समय में पूरा होगा।
यूपीडा ने लिया 2900 करोड़ रुपये कर्ज
सफर आराम देह होगा और राज्य की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाएगा। खासतौर पर गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना यूपी के लिए गेमचेंजर मानी जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक्सप्रेस वे के लिए जमीन अधिग्रहण का काम इस साल अक्तूबर से शुरू होगा। इससे पहले यूपीडा ने हाउसिंग एंड अर्बन डवलपमेंट कारपोरेशन से 2900 करोड रुपये का कर्ज लेने का निर्णय लिया है। इस महीने विधानमंडल सत्र में पास होने वाल अनुपूरक बजट में गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए बड़ी रकम रखने की तैयारी है।
जमीन खरीदने में खर्च होंगे 10 हजार करोड़
परियोजना के लिए जमीन खरीदने पर ही करीब 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। अब यह संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों पर निर्भर करेगा कि वह कितने समय में अपने यहां चिन्हित जमीन का बंदोबस्त यूपीडा के लिए करा पाते हैं। चूंकि अब बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे व पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के लिए जमीन खरीदने व अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है, ऐसे में यहां राजस्व से जुड़े लगे अधिकारी व कर्मचारी अब गंगा एक्सप्रेस परियोजना में जमीन अधिग्रहण के काम में लगाए जाएंगे।
39298 करोड़ से बनेगा गंगा एक्सप्रेस-वे
एक्सप्रेस-वे की चौड़ाई 130 मीटर होगी। सर्विस रोड की चौड़ाई 3.75 मीटर चौड़ाई होगी। एक्सप्रेस वे की लागत 39298 करोड़ से ज्यादा आने का अनुमान है। सलाहकार कंपनी एलएन मालवीय इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार डीपीआर रिपोर्ट को यूपीडा जल्द अंतिम रूप देगा। इसके बाद डीपीआर को कैबिनेट से मंजूरी जल्द दिलाई जाएगी। इसके बाद विकासकर्ता कंपनियों के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यूपीडा की कोशिश है कि इस साल के अंत तक इस परियोजना का शिलान्यास करा दिया जाए ताकि अगले साल जनवरी से साइट पर निर्माण कार्य शुरू हो जाए। कोरोना संक्रमण काल भी इस समय काम की रफ्तार में बड़ी बाधा बन रहा है। लाकडाउन व बारिश के कारण पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के काम में थोड़ी देरी हुई है। अब सारे एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कराए जा रहे हैं।