कानपुर में बर्रा पुलिस ने संजीत अपहरण-हत्याकांड के फरार आरोपित 25 हजार के इनामी सचेंडी के गज्जापुरवा निवासी जयकरन सिंह उर्फ सिम्मी को गिरफ्तार कर लिया। बर्रा इंस्पेक्टर हरमीत सिंह ने बताया कि जयकरन सिंह भी अपहरण से लेकर संजीत की हत्या तक में शामिल था।
इंस्पेक्टर के अनुसार, कार से नदी में लाश भी जयकरन ने ही फेंकी थी। रिमांड पर लिए गए तीनों हत्यारोपितों से सख्ती से पूछताछ की गई तो जयकरन के बारे में कई अहम सुराग मिले। बी-पार्टी (नाते-रिश्तेदार और दोस्तों के नंबर) सर्विलांस पर लगाए गए। लगातार 24 घंटे सर्विलांस पर लगे नंबरों को फालो करने पर जयकरन के कई करीबी हाथ लगे। तीन करीबियों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई तो टूट गए और जयकरन के बारे में अहम जानकारी दी। करीबियों की निशानदेही पर जयकरन को गुजैनी स्थित आईटीबीपी ग्रुप सेंटर के पास से गुरुवार शाम गिरफ्तार किया गया। जयकरन से हत्याकांड के संबंध में पूछताछ की जा रही है, जिससे कई अहम जानकारी हाथ लगने की उम्मीद है।
फिरौती में एक लाख रुपए था हिस्सा
बर्रा इंस्पेक्टर के मुताबिक, अब तक पूछताछ में सामने आया कि फिरौती में जयकरन का एक लाख रुपए हिस्सा तय था। रतनलालनगर स्थित किराए के मकान में संजीत की निगरानी करता था। रात में जयकरन ही निगरानी के लिए प्रीति के साथ रुकता था। प्रीति को पहले से जानता भी था।
गनेशीपुरवा के साइबर शातिर का है खास
जयकरन गनेशीपुरवा के साइबर शातिर गैंग का सदस्य है। सूत्रों के मुताबिक, सचेंडी और मैनपुरी पुलिस के गनेशीपुरवा में साइबर शातिर की गिरफ्तारी के लिए दबिश पर हमले में भी शामिल था।
चकरपुर मंडी मोबाइल दुकानदार की भी तलाश
अपहरण और हत्याकांड में जिस सिम का प्रयोग हुआ था। वह चकरपुरमंडी के मोबाइल दुकानदार केके तिवारी ने चरस सप्लायर चीता के जरिए मुहैया कराए थे। पुलिस अब केके तिवारी और नौबस्ता के आशीष की तलाश में लगी है।