नोएडा : सात बार रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) निकालने के बाद भी डॉग रजिस्ट्रेशन के लिए नोएडा में कोई कंपनी आगे नहीं आई है। प्राधिकरण इस व्यवस्था को खुद ही सेल बनाकर शुरू करने की तैयारी में है। इसके लिए मोबाइल ऐप भी बनाया जाएगा। लोग खुद ही ऐप के जरिये अपने कुत्ते से संबंधित जानकारी अपलोड कर उसका रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। शहर में पालतू कुत्तों को व्यवस्थित कर उनका रिकॉर्ड रखने समेत कई कारणों से नोएडा प्राधिकरण ने उनका रजिस्ट्रेशन व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया था। इसको 198वीं बोर्ड बैठक में मंजूरी दी गई थी।
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि इस व्यवस्था के तहत पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक होगा। रजिस्ट्रेशन की फीस 500 रुपये प्रति कुत्ता होगी।
इसका हर साल रिन्यूवल कराना होगा। रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर मालिकों पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का भी नियम है। इससे प्राधिकरण को ये भी जानकारी मिलेगी कि जिले में कितने पालतू कुत्ते हैं और कितने आवारा हैं। पालतू कुत्तों को भी अब भू-टैग किया गया है, जिससे उन्हें अब पहचान पत्र पहनना होगा।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें पार्क और अन्य सार्वजनिक जगहों पर कुत्ते के काटने की शिकायत मिलती रहती हैं। नई व्यवस्था से इनमें भी कमी आएगी। कुत्तों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था शुरू करने के लिए प्राधिकरण ने एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके लिए सात बार आरएफपी जारी की गई, लेकिन कोई एजेंसी नहीं आई जनस्वास्थ्य विभाग के डीजीएम एस.सी. मिश्रा का कहना है कि कई प्रयास के बाद भी कोई एजेंसी नहीं आई है। ऐसे में प्राधिकरण स्तर से सेल बनाकर डॉग रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था शुरू करने का विचार है। इसके लिए मोबाइल ऐप भी लॉन्च करेंगे।
गले में पट्टा डालकर चिप के जरिये होगी पहचान
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि कुत्ते का रजिस्ट्रेशन होने पर उसके गले में एक पट्टा बांधा जाएगा जिसमें एक चिप लगी होगी। इसमें एक बार कोड भी होगा। इससे कुत्ते की पहचान आसानी से हो सकेगी। अगर किसी भी पालतू कुत्तों को लेकर शिकायत मिलती है तो एजेंसी उस चिप की मदद से कुत्ते के बारे में आसानी से जानकारी निकाल सकेंगे।