मध्य प्रदेश के नीमच में शनिवार को खिलाड़ियों ने अपने ऐतिहासिक खेल मैदान को बचाने के लिए अनोखा प्रदर्शन किया। शहर के भारत माता चौराहे पर खिलाड़ियों ने सड़क पर क्रिकेट और फुटबॉल खेलकर प्रशासन तक अपनी मांग पहुंचाने का प्रयास किया। इस रचनात्मक विरोध प्रदर्शन ने राहगीरों का भी ध्यान आकर्षित किया और कुछ देर के लिए लोग रुककर खिलाड़ियों का समर्थन करते नजर आए।
यह प्रदर्शन शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 के खेल मैदान पर प्रस्तावित सांदीपनि सीएम राइज स्कूल के निर्माण के विरोध में आयोजित किया गया। खेल मैदान बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों खिलाड़ी, खेल प्रेमी और स्थानीय नागरिक एकत्र हुए और मैदान को सुरक्षित रखने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध स्कूल निर्माण से नहीं है। उनका कहना है कि शिक्षा और खेल दोनों समाज के विकास के लिए समान रूप से आवश्यक हैं। समिति की मांग है कि स्कूल का निर्माण किसी अन्य उपयुक्त सरकारी भूमि पर किया जाए, जबकि वर्षों पुराने इस खेल मैदान को खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित रखा जाए।
स्थानीय खिलाड़ियों के अनुसार यह मैदान जिले की खेल प्रतिभाओं का प्रमुख केंद्र रहा है। क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी और एथलेटिक्स जैसी कई खेल गतिविधियों का वर्षों से यहां नियमित अभ्यास होता रहा है। इसी मैदान से कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि मैदान पर निर्माण होता है, तो हजारों युवाओं के अभ्यास और खेल विकास पर सीधा असर पड़ेगा।

संघर्ष समिति के मुताबिक करीब 39 करोड़ 23 लाख रुपये की प्रस्तावित परियोजना के तहत मैदान पर निर्माण की योजना बनाई गई है। इसके विरोध में पहले ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, धरना-प्रदर्शन किए गए हैं और जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात की गई है। सड़क पर खेलकर विरोध दर्ज कराना आंदोलन का नया चरण माना जा रहा है।
इस प्रदर्शन में विभिन्न खेल क्लबों के सदस्य, राज्य स्तरीय खिलाड़ी, मॉर्निंग वॉकर्स और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। समिति का कहना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए खेल सुविधाओं और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने की पहल है।
खिलाड़ियों के इस अनोखे विरोध प्रदर्शन ने शहर में खेल मैदान के महत्व को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। अब सभी की नजर प्रशासन पर है कि वह खिलाड़ियों की मांग पर क्या निर्णय लेता है और खेल व शिक्षा के बीच संतुलन कैसे स्थापित करता है।