बीएचयू के सेंट्रल डिस्कवरी सेंटर (सीडीसी) में स्थापित बायोइंक्यूबेटर बायोनेस्ट केंद्र से प्रतिभावानों को एक प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जाएगा। विज्ञान संस्थान की ओर से शीघ्र ही प्रतिभावानों के बीच एक प्रतियोगिता आयोजित कराई जाएगी। इसके जरिये प्रदेशभर से व्यावसायिक संभावनाओं वाले स्टार्टअप के आइडिया आमंत्रित कर परखे जाएंगे।
विशेषज्ञ वैज्ञानिकों की टीम आइडियाज को परखेगी और उसमें से सर्वोत्तम पांच आइडियाज को चुनेगी, जिन्हें उत्पाद के रूप में ढालने में तकनीकी व आर्थिक मदद की जाएगी। करीब 15 आइडियाज को प्रोत्साहन दिया जाएगा। बायोइंक्यूबेटर बायोनेस्ट केंद्र पहले साल केवल पांच आइडियाज को चुनेगा। इसके लिए भारत सरकार ने छह करोड़ रुपये स्वीकृत किये हैं। इसकी पहली किस्त तीन करोड़ रुपये जारी भी हो गई है। कोरोना के चलते स्टार्टअप कार्यक्रम कुछ देर से शुरू होने की संभावना है। यह प्रतियोगिता ऑनलाइन की बजाय ऑफलाइन मोड में होगी।
विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. अनिल त्रिपाठी के अनुसार अटल इन्क्यूबेशन सेन्टर व सीडीसी बिल्डिंग में शुरू होने वाले स्टार्टअप को रफ्तार देने के लिए तंत्र तैयार हो रहा है। इस उद्यमशीलता से स्वरोजगार बढ़ेगा।
इन क्षेत्रों से आमंत्रित होंगे स्टार्टअप
बायोइंक्यूबेटर बायोनेस्ट के लिए लाइफ साइंस, बायोटेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि तकनीक, खाद्य प्रौद्योगिकी के अलावा भी स्टार्टअप स्वीकार होंगे। उद्यमिता व स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने की दिशा में बीएचयू अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है। विश्वविद्यालय अपनी बायोनेस्ट सुविधा (बायोइंक्यूबेटर फॉर नर्चरिंग एंटरप्रेन्योरशिप फॉर स्केलिंग टेक्नोलॉजी) को स्थापित कर लिया है। इस सुविधा से प्रौद्योगिकियों को उद्यमशीलता में बदला जाएगा। जिससे स्टार्टअप को सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।