बलिया: उत्तर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि वह किसानों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर किए गए शर्मनाक बल प्रयोग के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
इसके लिए जो दोषी है, उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। किसान आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले किसानों को शहीद का दर्जा प्रदान करें। कॉरपोरेट के हित में बनाए गए कृषि सम्बन्धी नए काले कानूनों को तत्काल वापस लें।
एमएसपी को कानूनी रूप दे और घोषणा करें कि भविष्य में कृषि पर बनने वाले किसी भी तरह के कानून किसानों को विश्वास में लेकर ही बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा है कि देश में सामान्य स्थिति बनाने के लिए ये फैसले अति आवश्यक हैं। इस लड़ाई में अन्न खाने वाले देश के सभी नेक लोग किसानों के साथ लामबंद होने के लिए मजबूर होंगे।
अपने आवास पर गुरुवार को उत्तर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी अपने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस देश का किसान मान रहा है कि नया कृषि कानून खेती बारी के हितों और उनके स्वामित्व पर हमला है।
अगर यह कानून बना, तो देशी-विदेशी कंपनियां भारतीय नवरत्न कम्पनियों की तरह खेती बारी को भी निगल जाएगीं। इस कानून को वह काले कानून की संज्ञा दे रहा है। वह इसकी वापसी के लिए इस कानून के बनने के दिन से विरोध जता रहा है और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहा है।